संवाद सहयोगी, अमृतपुर : गंगा में वक्त से पहले आई बाढ़ से तटवर्ती गांवों के बाशिदों की धड़कने बढ़ गई हैं। कटान से भयभीत ग्रामीण अपने मकान तोड़ने में जुट गए हैं और घरों से सामान निकालकर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बाढ़ का पानी खेतों में भरने लगा है। जिससे तटवर्ती गांव की फसलें खराब होने की आशंका है। ग्रामीण फसल काटने में जुट गए हैं।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, कछुआ गाढ़ा, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, कुसुमापुर, जोगराजपुर, उदयपुर, तीसराम की मड़ैया, बंगला, फुलहा, कुडरी सारंगपुर व करनपुर घाट के बाशिदों की धड़कने बढ़ गई हैं। गंगा की तेज धार से हरसिंहपुर कायस्थ व तीसराम की मड़ैया गांवों में कटान हो रहा है। हरसिंहपुर कायस्थ के हरीराम, गवधूलाल, हवलदार, जगदीश व तकदीर अपने पक्के मकान तोड़ रहे हैं। बाढ़ का पानी गांव में भरने लगा है। जिससे ग्रामीणों मुश्किलें और बढ़ गई हैं। तीसराम की मड़ैया के मंजीत, विनोद, रामरहीस व अशोक ने अपनी झोपड़ियों से सामान समेटना शुरू कर दिया गया है। ग्रामीण ऊंचे स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। बाढ़ का पानी खेतों में भरने लगा है, जिससे फसलें खराब होने की आशंका है। रंगलाल, विनोद व राजेंद्र बताते हैं कि बाढ़ का पानी खेतों में पहुंच गया है जिससे मेंथा की फसल काट रहे हैं। तहसीलदार संतोष कुमार ने बताया कि हरसिंहपुर कायस्थ के गंगा के किनारे बने मकानों को खाली करने के लिए ग्रामीणों से कहा गया है। बेघर ग्रामीणों को बसाने का लिए भूमि तलाश की जा रही है। लेखपालों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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