जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : शहरी क्षेत्र में अधिकांश बंच केबल जर्जर हो चुके हैं। पुरानी लाइनें होने के कारण फाल्ट होने से उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पाती। रही बची कसर लाइनमैन पूरी कर देते हैं। मामला वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आने के बाद ही आपूर्ति बहाल होती है। इस बीच उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है। शहर के अधिकांश ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं, जो अधिकांश समय फाल्ट की चपेट में रहते हैं।

नगरीय खंड कार्यालय क्षेत्र में छह उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं। इन उपकेंद्रों पर पांच से आठ एमवीए के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। सभी उपकेंद्र पर कई वर्ष पूर्व यह ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। तब से अब तक शहरी क्षेत्र की आबादी भी बढ़ गई और आबादी के सापेक्ष लोड भी बढ़ा है। उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि नहीं की गई। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। कुटरा, बेवर रोड भोलेपुर, पांचाल घाट, लकूला, ठंडी सड़क व जसमई आदि उपकेंद्र शाम ढलते ही फाल्ट के चलते ब्रेक डाउन हो जाते हैं। फाल्ट ढूढ़ने को विद्युत कर्मियों की टीम घंटों पेट्रोलिग करती है, तब तक आपूर्ति ठप रहती है। पिछले एक सप्ताह से गर्मी अधिक बढ़ने से शहरी क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई। शाम ढलते ही बिजली आंख मिचौनी करना शुरू कर देती है। रात 11 बजे के बाद आपूर्ति चली जाती है। कभी डेढ़ घंटे तो कभी ढाई घंटे बाद आपूर्ति मिलती है। तब तक गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

पूनम गौतम, पांचाल घाट

लोकल फाल्ट होने पर भी पूरा फीडर बंद करा दिया जाता है। लाइनमैन फाल्ट सही करने तक शट डाउन रखते हैं, जबकि उन्हें जंपर खोलकर फाल्ट सही करना चाहिए। जिससे दूसरे उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो।

अनीस अहमद, फतेहगढ़

कई दिनों से दिन व रात में कई घंटे तक कटौती की जाती है। लाइनें पुरानी हैं। तार टूटने की जानकारी होने के बाद लाइनमैन घंटों उसे सही करने नहीं आते। जिससे पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बंद रही रहती है।

अजय गुप्ता, बेवर रोड

उनके क्षेत्र में बंच केबल कई वर्ष पहले डाले गए थे। फाल्ट के चलते अधिकांश बंच केबल क्षतिग्रस्त हैं। लोड अधिक होने से बंच केबल सुलगने लगती है। बंच केबल बदलवाने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है।

अमित कुमार, नई बस्ती फर्रुखाबाद

उपकेंद्रों की क्षमता न बढ़ने से ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। उनकी क्षमता वृद्धि के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। कुछ ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ी। लगभग आधा सैकड़ा ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित चल रहा है। स्टोर में आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं है। इस कारण मरम्मत में भी दिक्कत आ रही है।

राजेंद्र बहादुर यादव, अधिशासी अभियंता नगरीय

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