जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : दबंगई के चलते मारपीट व दलित उत्पीड़न के मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में एससीएसटी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश सरवर हुसैन रिजवी ने एक अभियुक्त को जानलेवा हमले में दोषी करार देते हुए दस वर्ष की कठोर कैद व 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव अलीगंज निवासी रामप्रकाश कठेरिया ने 28 जुलाई 2008 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि वह गांव के ही निवासी युवक के साथ घर वापस आ रहे थे। तभी राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव कड़क्का निवासी नागेंद्र दुबे, ज्ञानेंद्र दुबे और ईमादपुर निवासी अभिलाख ने उन्हें घेर लिया और जातिसूचक गालियां देने लगे। विरोध करने पर मारपीट की। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर किया, जिससे वह घायल हो गए। मामले में मुकदमे के विवेचक तत्कालीन क्षेत्राधिकारी बविता साहू ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एडीजीसी अनूप कुमार तिवारी, रामानंद कटियार व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त नागेंद्र दुबे को दोषी करार देते हुए जानलेवा हमले में दस वर्ष की कैद, दस हजार रुपये जुर्माना तथा धमकी देने के मामले में एक वर्ष की कैद, एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी ज्ञानेंद्र और अभिलाख को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।

Posted By: Jagran

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