संवाद सूत्र, नवाबगंज : ट्रांसफार्मर फुंकने से 500 से अधिक घरों की बिजली ठप हो गई। बिजली न मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

नवाबगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े टाउन फीडर से कस्बा के 500 से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति के लिए मंझना रोड पर 400 केवीए ट्रांसफार्मर रखा है। शनिवार शाम लगभग आठ बजे ट्रांसफार्मर धमाके के साथ फुंक गया। ट्रांसफार्मर फुंकने से उससे जुड़े घरों की बिजली पूरी तरह ठप हो गयी। रात भर बिजली न मिलने से लोगों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार सुबह भी बिजली न मिलने से लोगों को पीने के पानी तक की समस्या से जूझना पड़ा। लाइनमैन प्रदीप कुमार ने ट्रांसफार्मर की जांच कर मामले की सूचना अवर अभियंता को दी। अवर अभियंता अनिल कुमार गौतम ने बताया कि ट्रांसफार्मर फुंकने से आपूर्ति बाधित है। फुंके ट्रांसफार्मर को बदलवाकर विद्युत आपूर्ति बहाल की जाएगी। बिना बिजली जलाए भेजे गए बिल माफ

जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : कमीशनखोरी के चलते कार्यदायी संस्था द्वारा गांव में कराए गए विद्युतीकरण के अधूरे कार्य होने के 14 वर्ष बाद भी संस्था के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और उसे लाखों का भुगतान दे दिया गया। विभाग की ओर से गांव में बिना आपूर्ति के ही बिल बना दिए। मामला ऊर्जा मंत्री व एमडी कार्यालय पहुंचा तो अवर अभियंता व मीटर रीडर पर लापरवाही का दोषी मानते हुए रिपोर्ट भेज दी गई। वहीं कार्यदायी संस्था के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग ने आनन-फानन में ग्रामीणों के बिल समाप्त कर दिए।

कमालगंज उपकेंद्र क्षेत्र के गांव कोहरापुर में वर्ष 2007 में विद्युतीकरण कराया गया था। कार्यदायी संस्था ने आधे गांव में खंभे लगाकर लाइनें डाल दीं और ट्रांसफार्मर भी लगा दिए, लेकिन गांव को सप्लाई देने के लिए एचटी लाइन का निर्माण नहीं किया। संस्था ने काम पूरा दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान ले लिया। विभाग की ओर से ग्रामीणों को लाखों रुपये के बिल भी थमा दिए गए। ऊर्जा मंत्री व प्रबंधक निदेशक से शिकायत होने पर डायरेक्टर एसके गुप्ता ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया तो शिकायत सही पाई गई थी। जेई व बिल बनाने वाली संस्था के कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया गया, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा अधूरा कार्य करने व पूरा भुगतान लेने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि गांव ऊर्जीकृत नहीं है। काम अधूरा पड़ा है। फिलहाल ग्रामीणों के बिल समाप्त करा दिए गए हैं। 263 ट्रांसफार्मरों की बढ़ेगी क्षमता

जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : शहर व ग्रामीण क्षेत्र में लगे 263 ट्रांसफार्मर लंबे समय से ओवरलोड चल रहे हैं। इनमें कई ट्रांसफार्मर दो से तीन बार फुंक भी चुके हैं। वर्कशाप की रिपोर्ट पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए एमडी कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।

मई से लेकर अब तक करीब 400 ट्रांसफार्मर ओवरलोड के चलते फुंक गए, जिससे विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। वर्कशाप में अधिक बजट खर्च होने पर डायरेक्टर एसके गुप्ता ने डेढ़ सप्ताह पहले वर्कशाप पहुंचकर निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अधिक ट्रांसफार्मर फुंकने पर उन्होंने अधिकारियों की फटकार लगाई थी। ओवरलोडिग ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के आदेश भी दिए थे। अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि 263 ट्रांसफार्मरों को चिह्नित कर लिया गया है। इनकी क्षमता बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया है।

Edited By: Jagran