संवाद सूत्र, कंपिल : कस्बा और आसपास के इलाकों में गुरुवार रात हल्की सी बारिश होते ही बिजली गुल हो गई। इससे शुक्रवार सुबह से लोगों को पानी आदि के लिए भी परेशान होना पड़ा। हालांकि पिछले पांच दिन से बिजली की कटौती से क्षेत्रीय लोग परेशान हैं।

कस्बे में पिछले पांच दिन से बिजली की अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं। दिन में बमुश्किल तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे लोग गर्मी से परेशान है। रात के समय हालात कुछ ठीक होते हैं, लेकिन बीच-बीच में ट्रिपिग नींद में खलल डालती है। गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे से शुरू हुई बारिश ने बिजली की समस्या में आग में घी का काम किया, तब से गई बिजली शुक्रवार शाम तक आई ही नहीं। इससे लोगों को सुबह से ही पानी की समस्या हो गई। गलियों में लगे सरकारी हैंडपंप पर सुबह से ही लाइन लग गई। सबसे ज्यादा समस्या नौकरीपेशा या बाहर जाने वाले लोगों को हुई। पिछले एक सप्ताह से लोगों को 12 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही। ग्रामीण अंचल में बमुश्किल आठ घंटे की आपूर्ति हो रही। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतें हो रहीं। खेतों की सिचाई व व्यापारियों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। विभागीय अफसरों से शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गर्मी बढ़ते ही दावे हो जाते हैं फेल

सरकारें और प्रतिनिधि लगातार अपने कार्यकाल में बेहतर बिजली आपूर्ति का दावा करतीं हैं। कभी कस्बों को 18 घंटे तो कभी 16 घंटे बिना रुकावट के बिजली आपूर्ति देने की बात कही जाती है, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही सभी सरकारी दावों की हवा निकल जाती है। इस बाबत जब जेई अजय यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेन लाइन में खराबी आने के कारण नगर व क्षेत्र की आपूर्ति बाधित है। शाम तक लाइन को सही कर सप्लाई को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। बिजली कटौती का आलम यह है कि यहां मामूली हवा का झोंका आते ही गांवों की बिजली बंद कर देते हैं। पूछने पर एक ही रटा रटाया जवाब कि बिजली जिला मुख्यालय से ही बंद है। बिजली की कटौती के कारण इस गर्मी में नागरिकों का हाल बुरा हो रखा है।'- आर्येन्द्र यादव, शिक्षक, कंपिल। 'घोषित विद्युत कटौती के कारण भीषण गर्मी में लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं है, बिजली कब आती है और कब चली जाए इसका भरोसा नहीं है। विद्युत कटौती का समय निर्धारित किया जाए

सुमित वर्मा, टीचर कालोनी गांव में बिजली न आने से किसानों की धान व अन्य फसलों की सिचाई नहीं हो पा रही है। गांव में करीब आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से लो वोल्टेज व कम बिजली आपूर्ति की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

अबरार, गांव कटिया पिछले कई माह से गांव में लो वोल्टेज व बिजली कटौती के कारण बिजली के पंखे व अन्य उपकरण, कूलर, फ्रिज आदि नहीं चल रहे हैं। गर्मी के कारण रात के समय लोग सो नहीं पाते। ग्रामीण बिजली विभाग व संबंधित विभागीय अधिकारियों से समस्या की शिकायत कई बार कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

अरशद, गांव शाह आलमपुर

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