जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमों व पुलिस द्वारा कथित अभद्रता के विरोध में बुधवार को बार एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के तबादले की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया।

बार एसोसिएशन सभागार में हुई आम सभा की बैठक के दौरान वक्ताओं ने दो दिन पहले अधिवक्ता शिखर सक्सेना की मां का निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने गए वकीलों के साथ फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी द्वार अभद्रता की गई। विरोध करने पर वकीलों को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। मामले में पुलिस अधीक्षक से भेंट कर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन डीएम व एसपी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पहले भी कई वकीलों के खिलाफ डीएम, एसपी कार्रवाई कर चुके हैं। अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव व महासचिव संजीव पारिया ने अधिवक्ताओं की भावनाओं को देखते हुए डीएम, एसपी को जनपद से हटाने की मांग कर मुख्यमंत्री को पत्र भेजने की बात कही। मांग पूरी न होने तक अनिश्चितकाल कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।

महासचिव संजीव पारिया ने बताया कि 40 अधिवक्ताओं की निगरानी समिति गठित की गई है। समिति जनपद न्यायालयों के अलावा प्रशासनिक न्यायालयों में निगरानी करेगी। कोई भी अधिवक्ता काम करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ एसोसिएशन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस व पैरोकार के न्यायालय परिसर में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। बैठक में अधिवक्ता आनंद अग्निहोत्री, राजेंद्र यादव, दीपक द्विवेदी, अजीत मिश्रा, शिवप्रताप सिंह चीनू, श्यामवीर सिंह, शेर सिंह यादव आदि ने विचार रखे।

तहसील अधिवक्ता भी रहेंगे बहिष्कार में शामिल

अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव ने बताया कि तीनों तहसीलों के अधिवक्ताओं ने भी बहिष्कार में समर्थन किया है। तहसीलों में भी कोई कार्य नहीं होगा। रजिस्ट्री दफ्तरों व तहसीलदार न्यायालयों का पूर्णत: बहिष्कार रहेगा।

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