संवाद सहयोगी, कायमगंज : कायमगंज विकास खंड के ग्राम सुभानपुर की बंजारा बस्ती से पलायन कर गए ग्रामीणों के पुर्नवास के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कोतवाली पुलिस ने ग्राम प्रधान की मदद से पता लगा लिया है कि पलायन के बाद ग्रामीण कहां गए हैं। उन्हें बुलाकर प्रेरित किया जाएगा कि वह अपने पुराने ठिकानों पर लौटें व सरकारी आवासों का निर्माण कराकर रहें। उनके मन से भय निकाल कर सुरक्षा का भरोसा दिया जाएगा।

बतातें चले कि उक्त बंजारा बस्ती में विगत चार दशकों से रह रहे अनेक परिवारों को ग्राम समाज की भूमि पर आवासीय पट्टे दिए गए। जिसमें से 8 परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित हो गए। उन्हें धनराशि भी आवंटित हो गई, इसके बावजूद भूमि विवाद के चलते मिली धमकियों से घबराकर वह परिवार यहां से रातों-रात पलायन कर गए। जागरण में जब इस आशय का समाचार प्रकाशित हुआ तो प्रकरण प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आया। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने प्रकरण को गंभीरता से लिया व स्थानीय अधिकारियों से जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी अनिल कुमार ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जसवंत ¨सह से मामले की जांच करने निर्देश दिए। पुलिस ने ग्राम प्रधान सलमान उर्फ छाम खां के माध्यम से पता लगाया कि पलायन किए हुए ग्रामीण कंपिल, प्रेमनगर, भरगैन आदि स्थानों पर चले गए हैं। जिन्हें यहां आने को कहा गया है। इनमें से कुछ ग्रामीणों ने फोन पर बताया कि वह अपने पुराने ठिकानों पर लौटना चाहते हैं, लेकिन किसी से लड़ाई मोल नहीं लेना चाहते। उपजिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि पट्टे वाली भूमि पर जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में एक मुकदमा है, लेकिन उस पर कोई स्थगन आदेश नहीं है। ग्राम समाज की जमीन के ही पट्टे दिए गए हैं। इसलिए उन पर पीएम योजना के आवास बनेंगे। ग्राम पंचायत सहमत हुई तो संबंधित भूमि पर बाउंड्री करा दी जाएगी।

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