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Jagran Vimarsh: उद्योग, शिक्षा और सड़क से आगे बढ़ेगा विकास, रेल व एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी पर टिकी उम्मीदें

Published: Mon, 26 Oct 2026 11:26 PM (IST)

जागरण विमर्श कार्यक्रम में फर्रुखाबाद को महानगर बनाने पर चर्चा हुई, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार ...और पढ़ें

जागरण विमर्श के प्रथम सत्र में फर्रुखाबाद के विकास पर चर्चा हुई। इस दौरान उपस्थित (दाएं से) विधायक डा. सुरभि, भारतेंदु नाट्य एकेदमी के सदस्य सुरेंद्र पांडेय, मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. अनार सिंह यादव व जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव। सत्र का संचालन करते शिवा अवस्थी। जागरण

जागरण विमर्श के प्रथम सत्र में फर्रुखाबाद के विकास पर चर्चा हुई। इस दौरान उपस्थित (दाएं से) विधायक डा. सुरभि, भारतेंदु नाट्य एकेदमी के सदस्य सुरेंद्र पांडेय, मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. अनार सिंह यादव व जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव। सत्र का संचालन करते शिवा अवस्थी। जागरण

HighLights

  1. रेलवे दोहरीकरण, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से फर्रुखाबाद का विकास होगा।

  2. अदाणी भंडारण, बंद मिल में उद्योग से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

  3. एआई शिक्षा, मेडिकल कॉलेज, धार्मिक पर्यटन से जिले को लाभ।

आनंद मिश्रा, फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद को महानगर बनाने के लिए आधारभूत ढांचे के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और सांस्कृतिक गतिविधियों का विस्तार जरूरी है। सफाई व्यवस्था सुधारने, रेहड़ी-पटरी वालों को व्यवस्थित स्थान देने, रेलवे की दोहरी लाइन बिछाने और जिले को सीधे एक्सप्रेसवे से जोड़ने जैसे मुद्दे विकास की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

उद्योग-शिक्षा और सड़क में आगे बढ़े हैं। अब रेल और लिंक एक्सप्रेसवे विकास को गति देगा। सोमवार को जागरण विमर्श कार्यक्रम में ‘जन सुविधाएं और भविष्य का महानगर’ विषय पर वक्ताओं ने जरूरतों, चल रही परियोजनाओं और भविष्य की संभावनाओं पर विचार रखे।

कायमगंज विधानसभा क्षेत्र की विधायक डा. सुरभि ने कहा कि अपने क्षेत्र में ही नहीं, कई अन्य जगहों पर सड़कें चौड़ी करा दी हैं। इससे आवागमन में सुधार हुआ है। क्षेत्र में अदाणी अनाज भंडारण केंद्र स्थापित हो रहा है, जिसे रेल यातायात से जोड़ने का प्रयास है।

बंद पड़ी कताई सूत मिल को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक व विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने ले लिया है, अब वहां उद्योग स्थापित होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि फर्रुखाबाद आलू उत्पादन के लिए जाना जाता है। किसानों को बेहतर बाजार दिलाने के लिए जिले में एग्री एक्सपोर्ट हब स्थापित कराने का प्रयास किया जा रहा है।

राजकीय पालीटेक्निक में टाटा टेक्नोलाजी की स्वीकृति मिली है, जहां कृत्रिम मेधा (एआइ) की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके अलावा शिवारा में 25 लाख रुपये की लागत से मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का निर्माण हो रहा है। बाबा नीब करोरी धाम और संकिशा को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे अच्छा है पर पूरी तरह संतुष्टि नहीं मिली है और मुख्यमंत्री से ऐसा एक्सप्रेसवे दिलाने का प्रयास करेंगी, जो सीधे फर्रुखाबाद से होकर गुजरे। इससे जिले में उद्योग, व्यापार और रोजगार को नई गति मिल सकती है।

भारतेंदु नाट्य अकादमी के सदस्य सुरेंद्र पांडेय ने कहा कि विकास केवल सड़क और भवन बनाने तक सीमित नहीं है, इसमें नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है। साहित्य, कला और संगीत समाज को संस्कार देते हैं। जिले में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आडिटोरियम बनाया जाए, ताकि कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल सके। उन्होंने सफाई व्यवस्था सुधारने, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. अनार सिंह ने जिले में उच्च शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में 150 सीटों वाला मेडिकल कालेज जल्द शुरू होगा। इसके लिए एकेडमिक भवन बन गया है, छात्रावास का निर्माण चल रहा है।

विश्वविद्यालय खुलने से जिले के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा पाने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। विद्यार्थियों के आवागमन को 500 रुपये मासिक किराये पर बस सेवा दे रहे हैं। जिले के समग्र विकास के लिए मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ने के साथ रेलवे की दोहरी लाइन बिछाने की जरूरत है, जिससे आवागमन और व्यापार को गति मिल सके।


जिला पंचायत अध्यक्ष (प्रशासक) मोनिका यादव ने कहा कि विकास के लिए सड़क, रेल कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। जिले में काफी हद तक बदलाव हुआ है। गंगा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री ने लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की स्वीकृति दी है। इसका निर्माण जल्द शुरू होगा।

इससे आवागमन की सुविधा बेहतर होने से जिले का विकास होगा। उन्होंने बाबा नीब करोरी धाम की बढ़ती प्रसिद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।