संवाद सूत्र, जहानगंज : क्षेत्र के लोग अभी कोरोना संक्रमण के कहर से पूरी तरह उबरे भी नहीं थे कि डेंगू व बुखार ने कोहराम मचाना शुरू कर दिया है। इन दिनों विकास खंड क्षेत्र में लोग डेंगू और वायरल बुखार से जूझ रहे हैं। रोगी को समय से उपचार न मिलने के कारण मौतें भी हो रही हैं। ऐसे ही एक मामले में गुरुवार को युवती की मौत हो गई।

गांव मूसाखिरिया निवासी पूर्व प्रधान देवेंद्र उर्फ लल्लू कटियार की 23 वर्षीय पुत्री ज्योति कटियार दो सप्ताह से वायरल फीवर की चपेट में थीं। स्वजन ने ज्योति को कई बड़े अस्पताल व निजी चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन हालत में सुधार न हो पाने के चलते स्वजन ने ज्योति को कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां ज्योति की मौत हो गई। ज्योति की भाभी शिवांगी भी बुखार की चपेट में आ गई हैं। वह भी दो सप्ताह से कानपुर में भर्ती हैं। ज्योति की मौत की खबर लगते ही स्वजन में कोहराम मच गया। गांव के लोग भी भयभीत हैं।

खुदागंज में किसान और राजेपुर भूड़ में महिला की बुखार से गई जान

संवाद सूत्र, कमालगंज : क्षेत्र में बुखार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खुदागंज कस्बे में 50 वर्षीय किसान तथा राजेपुरभूड़ गांव में 40 वर्षीय महिला की बुखार से मौत हो गई।

गांव खुदागंज में बुखार से 50 वर्षीय वीरेंद्र प्रजापति की बुधवार को मौत हो गई। वीरेंद्र को पेट रोग की समस्या थी, उसका निदान हो चुका था। करीब एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। पहले तो स्थानीय स्तर पर इलाज चलता रहा, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते स्वजन इन्हें अपने घर ले आए। जहां इनकी बुधवार रात करीब 12:30 बजे मौत हो गई। गांव राजेपुरभूड़ निवासी 40 वर्षीय सीमा देवी चतुर्वेदी करीब एक सप्ताह से बुखार की समस्या से पीड़ित थी। उनका इलाज कस्बा के रेलवे स्टेशन के निकट एक नर्सिंग होम में चल रहा था। इलाज के दौरान ही प्लेटलेट्स कम होने के कारण चिकित्सक ने उन्हें दूसरी जगह ले जाने के लिए उनके स्वजन से कहा, तब तक उनकी मौत हो गई।

पीएचसी देवसनी बनी शोपीस

संकिसा : मोहम्मदाबाद सीएचसी के अधीन देवसनी पीएचसी पर दवाएं वितरित नहीं की जाती हैं। प्रधान सुमन राजपूत के प्रतिनिधि अशोक कुमार ने बताया कि फार्मासिस्ट यदाकदा पीएचसी पर अपनी हाजिरी लगा जाते हैं। पूरा भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। गांव से बाहर भवन बना होने के कारण अराजकतत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।

Edited By: Jagran