फर्रुखाबाद: 'कोई मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना...’, सुसाइड नोट लिख युवक ने गंगा में लगा दी छलांग
फर्रुखाबाद के ढाई घाट पुल से एटा निवासी गौरव गुप्ता ने सुसाइड नोट छोड़कर गंगा में छलांग लगा दी। पुलिस ...और पढ़ें

HighLights
युवक ने सुसाइड नोट लिखकर गंगा में लगाई छलांग।
पुलिस, एनडीआरएफ टीमें युवक की तलाश में जुटीं।
ढाई घाट पुल पर आत्महत्या की तीसरी घटना।
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। ढाई घाट पुल से युवक यह लिख कर बाढ़ से उफनाई गंगा में कूद गया कि ‘कोई अब मुझे ढूंढने की कोशिश न करे’। पुल पर रखे कपड़े देख ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश में जुटी है, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला है।
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे शमसाबाद के ढाई घाट गंगा पुल से एटा जिले के अलीगंज क्षेत्र के गांव मोहल्ला छेदालाल गौड़ निवासी 25 वर्षीय युवक गौरव उर्फ चंदन गुप्ता ने सुसाइड नोट छोड़ कर गंगा में छलांग लगा दी।
कूदने से पहले गौरव ने अपने कपड़े जिसमें बनियान, लोअर उतार कर पुल पर ही रख दिए थे। आसपास के लोगों की नजर पड़ी तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कपड़ों की तलाशी ली, तो उसमें एक अंगूठी, 110 रुपये और एक सुसाइड नोट मिला।
इसमें युवक के नाम पते के साथ लिखा है कि मेरे घर वाले मुझे ढूंढने की कोशिश न करें। पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश में जुटी। जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो एनडीआरएफ की टीम मोटरवोट से गंगा में उतरी। खबर लिखे जाने तक उसका कोई पता नहीं चला है।
घटना की जानकारी स्वजन को दी गई तो मौके पर पिता रमेश चंद्र गुप्ता पहुंचे। उन्होंने बताया कि गौरव अविवाहित है। घर में कोई बात भी नहीं हुई थी। पता नहीं गौरव यहां कैसे पहुंचा।
पुल बना सुसाइड प्वॉइंट
गंगा उफनाने के बाद ढाई घाट बना गंगा पुल सुसाइट प्वाइंट बन गया है। यहां से विगत 29 अगस्त से तीन युवक गंगा में कूद चुके हैं। किसी का भी पता नहीं चला है। 29 अगस्त को हरदोई के थाना पाली निवासी युवक राजा पुल से गंगा में कूद गया था।
वह अपनी भगवानपुर निवासी बहनोई दिलीप के यहां रक्षाबंधन पर आया था। दूसरी घटना विगत गुरुवार को हुई। इसमें अमृतपुर क्षेत्र के गांव कुम्हरौर निवासी युवक राजेश कुमार परमार भी गंगा में कूद गया था। गंगा में बाढ़ के कारण उसका भी अब तक कोई पता नहीं चला है।
