Alert: फर्रुखाबाद में बारिश और बाढ़ का कहर, घर की दीवार गिरने से मलबे में दबकर युवती की मौत, इधर गंगा में पांच मकान समाए
फर्रुखाबाद के नवाबगंज कस्बे में मंगलवार तड़के तेज बारिश के कारण एक घर की कच्ची दीवार ढह गई। मलबे में ...और पढ़ें

घर की कच्ची दीवार का पड़ा मलबा व ज्योति की फाइल फोटो । स्राेत : स्वजन जागरण
HighLights
फर्रुखाबाद के नवाबगंज में बारिश से घर की दीवार ढही, 22 वर्षीय ज्योति की मौत
दौली की मड़ैया और कटरी तौफीक में बाढ़ में मकान गिरने का नहीं थम रहा सिलसिला
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। तेज वर्षा के कारण कच्चे मकान की दीवार ढह गई। इसके मलबे में दबकर एक युवती की मौत हो गई। पास में सो रही दो चचेरी बहनें भी चोटिल हो गईं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कच्चे मकान के कुछ हिस्से को तोड़कर नया आवास बनाया जा रहा था। रात में परिवार के लोग कच्चे हिस्से में सो रहे थे। तभी हादसा हो गया।
नगर पंचायत के मुहल्ला चंदनी निवासी नरेश चंद्र बाथम को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। इसके चलते घर का कुछ हिस्सा गिरा कर नए आवास का निर्माण चल रहा था। परिवार के लोग पुराने कच्चे मकान की दीवार के सहारे पालीथीन डालकर सो रहे थे। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे तेज वर्षा के दौरान कच्ची दीवार ढह गई। पास में सो रही नरेश चंद्र की 22 वर्षीय पुत्री ज्योति और उनके भाई सेवाराम बाथम की 15 वर्षीय पुत्री मोहिनी और पुत्र सुखवीर की चार वर्षीय पुत्री किट्टू दीवार के मलबे में दब गईं।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। इस दौरान ज्योति ने दम तोड़ दिया। मोहिनी और किट्टू मामूली रूप से चाेटिल हो गईं। हादसे में मौत का शिकार हुई ज्योति की मां मुन्नी देवी और पिता नरेश चंद्र बिलखने लगे। स्वजन ने बताया कि नरेश चंद्र के पांच बच्चों में सबसे छोटी ज्योति अविवाहित थी। चार बच्चों की शादी हो चुकी है। घटना के बारे में क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना दी गई है। इस संबंध में थाना प्रभारी ब्रजमोहन पाल ने बताया अभी ऐसी घटना की कोई जानकारी नहीं है।

गांव कटरी तौफीक में गंगा में कट रहा मकान। स्रोत : ग्रामीण
इधर, दौली की मड़ैया में एक, कटरी तौफीक में चार मकान कटे
बाढ़ की चपेट में आकर सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा कटरी भीमपुर के मजरा दौली की मड़ैया में एक मकान कट गया। वहीं ब्लाक शमसाबाद क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक में चार पक्के मकान कट गए। इसके साथ ही दो झोपड़ियां बह गईं। जानकारी मिलने पर लेखपाल व कानूनगो मौके पर पहुंचे। पीड़ितों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अब तक 21 पक्के मकान कटे
मजरा दौली की मड़ैया में कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत बनी है। उधर, शमसाबाद क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक में कई दिन से कटान चल रहा है। सोमवार शाम चार बजे से मंगलवार दोपहर दो बजे तक राहुल कुमार, राधेश्याम, जगदीश व रामवीर के पक्के मकान गंगा में समा गए। वहीं अतर सिंह व जय सिंह की झोपड़ियां गंगा की बाढ़ में चली गईं। कानूनगो ने बताया कि अभी तक 21 पक्के मकान तथा चार झोपड़ियां कट चुकी हैं। सभी ग्रामीण सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच चुके थे। जिन लोगों के पास जगह नहीं बची है। उन्हें जगह भी उपलब्ध कराई जाएगी। निवर्तमान प्रधान गोपीचंद भी मौजूद रहे।
