फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा नदी की बाढ़ से 103 गांव प्रभावित, 80 से अधिक गांवों में घुसा पानी
गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद जिले के 103 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 80 से अधिक गांवों में पानी भर गया है।

गंगा रामगंगा की बाढ़ से 103 गांव प्रभावित 80 से अधिक में घुसा पानी।
HighLights
गंगा-रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद में बाढ़।
जिले के 103 से अधिक गांव प्रभावित, 80 में पानी।
75 स्कूल बंद, समैचीपुर चितार गांव खाली कराया।
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर मंगलवार को 5 सेंटीमीटर बढ़कर समुद्र तल से 137.10 मीटर ऊंचाई पर स्थित खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर 137.15 मीटर पर पहुंच गया है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नरौरा बांध से गंगा में 105633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे गंगा का जलस्तर और बढ़ेगा। रामगंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 136.95 मीटर ऊंचाई पर पहुंच गया है।
रामगंगा चेतावनी बिंदु 136.60 से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। खोह, हरेली, रामनगर बैराज से रामगंगा मे 16660 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे रामगंगा के जलस्तर में भी और वृद्धि होगी। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से जिले में 103 से अधिक गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है।
80 से अधिक गांवों में पानी भर गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 75 परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। गांव में अब तक 35 पक्के मकान और 28 झोपड़ियां कट चुकी हैं। प्रशासन ने गांव को खाली कराकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है।
