Farrukhabad Flood: गंगा के उफान से 16 मकान और नौ झोपड़ियां कटीं, गांवों में तबाही
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर दूर है, जिससे शमसाबाद के समैचीपुर चितार गांव ...और पढ़ें
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शमसाबाद से शाहजहांपुर जाने वाले मार्ग पर गांव चौरा के निकट बह रहा पानी। जागरण
HighLights
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी दूर।
समैचीपुर चितार में 16 मकान, 9 झोपड़ियां गंगा में कटीं।
शाहजहांपुर, बदायूं मार्ग पर पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त।
जागरण टीम, फर्रुखाबाद। गंगा के जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर दूर रह गया है। गंगा की उफान से शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में कटान तेज हो गया है। जिससे 16 पक्के मकान व नौ झोपड़ियां कटकर गंगा की तेज धार में समा गईं। शाहजहांपुर जाने वाले मार्ग पर दो फीट तक पानी बह रहा है। वहीं अमृतपुर क्षेत्र में खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीण बदायूं मार्ग पर सड़क किनारे चिता जलाने कोे मजबूर हैं। शहर की कांशीराम कालोनी हैबतपुर गढ़िया में फिर से पानी भर गया है।
गंगा का जलस्तर रविवार को पांच सेंटीमीटर बढ़कर समुद्र तल से 137.00 मीटर ऊंचाई पर पहुंच गया। यहां से खतरे का निशान मात्र 10 सेंटीमीटर दूर 137.10 मीटर पर दर्ज है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नरौरा बांध से गंगा में 96219 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे जलस्तर और बढ़ेगा। रामगंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़कर चेतावनी रेखा 136.60 मीटर ऊंचाई पर पहुंच गया है। खोह, हरेली, रामनगर बैराज से रामगंगा मे 23167 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे रामगंगा के जलस्तर में भी और वृद्धि होगी।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में शनिवार देर शाम से कटान तेज हो गया था। जिसमें गांव के ईदऊल, अरमान, फिरोजन, ईवली, फारूक, दिलदार, भूरा, निसार, रजिवा, आसिफ, इरशाद, मैमोला, अतरिया, शब्बू, नसार अली व राजू के पक्के मकान कट गए। बरकत, रुकना, अजहरुद्दीन, रईस मोहम्मद, अवरार, वसीमा, रुसीमा, वारे, गुलशन की झोपड़ियां गंगा में समा गईं। कई अन्य ग्रामीणों के मकान व झोपड़ी भी कटान की जट में हैं।
ग्रामीण अपने मकान का सामान ट्रैक्टर ट्राली, बैलगाड़ी और नाव में भरकर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं। कुछ लोगों ने इस्लाम नगर से गांव जाने वाली सड़क के किनारे मोमिया डालकर डेरा जमाना शुरू कर दिया है। जनपद शाहजहांपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर गांव चौरा के निकट सड़क पर दो फुट से अधिक पानी बह रहा है जिससे लोगों को निकलने में काफी परेशानी हो रही है।
अमृतपुर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। जिससे लोग नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। खेतों में पानी भरा होने से बदायूं मार्ग के किनारे चिताएं जल रही हैं।
बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर एक फिट से अधिक पानी तेज धार से बह रहा है। जिससे वाहन पानी मे निकल रहे हैं। यदि गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हुई तो बदायूं मार्ग पर आवागमन बंद हो जाएगा। बाढ़ का पानी घरों में भर जाने से पीड़ित मकान की छत पर मोमिया के नीचे गुजर कर रहे हैं। पश्चिमी गौटिया के कई घरों के बाहर पानी भरा है।
ग्रामीण बाढ़ के पानी मे ट्यूब के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। शहर की कांशीराम कालोनी हैबतपुर गढ़िया में लगभग एक माह से बाढ़ का पानी भरा है। करीब एक सप्ताह पहले पानी कुछ काम हुआ था, लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने से शनिवार देर रात फिर से कालोनी में पानी बढ़ गया है। कालोनी में निचले तल पर रहने वाले कई परिवार आवास में ताला डालकर शहर में किराए पर कमरा लेकर रहने को मजबूर हैं।
