फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वे करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ, पुलिस लाइन में बाढ़ पीड़ितों को देंगे राहत सामग्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 3 सितंबर को फर्रुखाबाद का दौरा करेंगे, जहां वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके ...और पढ़ें

HighLights
सीएम योगी 3 सितंबर को फर्रुखाबाद का दौरा करेंगे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत बांटेंगे।
गंगा-रामगंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर, कई गांव जलमग्न।
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 03 सितंबर को जिले का दौरा प्रस्तावित है। इसके लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा है। अभी तक के कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे हेलीकाप्टर से जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेंगे। उसके बाद 11:40 बजे उनका हेलीकाप्टर पुलिस लाइन मैदान पर उतरेगा। यहां पर वह बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करेंगे।
दोपहर 12 :10 बजे मुख्यमंत्री हेलिकाप्टर से वृंदावन के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी डा. अंकुर लाठर व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने पुलिस लाइन मैदान में चल रही तैयारियों को देखा। पुलिस लाइन में करीब 10 हजार लोगों की क्षमता का पंडाल तैयार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री का मिनट टू मिनट कार्यक्रम का इंतजार किया जा रहा है।

इधर, रामगंगा ने बढ़ाई तटवर्ती गांवों की चिंता
गंगा का जलस्तर बुधवार को समुद्र तल से 136.65 मीटर ऊंचाई पर स्थिर है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नरौरा बांध से गंगा में 83835 क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 110750 क्यूसेक , बिजनौर से 93960 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 136.10 मीटर ऊंचाई पर पहुंच गया है। खोह, हरेली, रामनगर बैराज से रामगंगा मे 32300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे रामगंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। इससे तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से परेशान हैं।
गांव हुसैनपुर तराई में अभी भी बाढ़ का पानी भरा
शमसाबाद क्षेत्र के गांव हुसैनपुर तराई में अभी भी बाढ़ का पानी भरा है। ग्रामीण पानी में घुसकर आवागमन कर रहे हैं। वहीं झोपड़ियों में भी पानी भरा है। कुछ लोग सामान की सुरक्षा के लिए घर में रुके हैं तो कुछ लोग रिश्तेदारी में चले गए हैं। गांव में अभी तक राहत सामग्री का वितरण नहीं हुआ, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। वर्षा में लकड़ी गीली होने से खाना बनाने में भी दिक्कत आती है। गांव समैचीपुर चितार, कटरी तौफीक में कटान रुक गया है, लेकिन पानी भरा रहने से समस्याएं बनी हुई है।
इन गांवों में नाव का सहारा
भगवानपुर, नगला बसोला, बांसखेड़ा आदि गांवों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। अमृतपुर क्षेत्र के गांव मंझा की मड़ैया संपर्क मार्ग पर पुलियों का निर्माण पूरा न होने से पास में स्थित गड्ढे में भरे बाढ़ के पानी में लोग नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। नरौरा बांध से पानी अधिक छोड़े जाने से बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। गांवों से बाढ़ का पानी उतरने के बाद कीचड़ भरा है, बुधवार को वर्षा होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
