UP Flood Alert: फर्रुखाबाद में बाढ़ से राहत नहीं, छत से गिरे बालक की पानी मे डूबने से मौत
फर्रुखाबाद में बाढ़ के पानी में डूबने से एक तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चा छत पर ...और पढ़ें
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HighLights
फर्रुखाबाद में बाढ़ के पानी में डूबा बच्चा
छत पर खेलते समय गिरा तीन वर्षीय मासूम
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव चैनगंज निवासी मिथलेश कुमार की बहन खुशबू व बहनोई जनपद कासगंज के सरौली निवासी इंद्रेश एक सप्ताह पहले आए थे। सोमवार दोपहर 12 बजे इंद्रेश का 3 वर्षीय पुत्र प्रांशु खेलते खेलते मकान की छत पर चढ़ गया। घर के पीछे बाढ़ का पानी भरा है।
प्रांशु छत से बाढ़ के पानी मे गिरकर डूब गया।स्वजन को प्रांशु दिखाई नही पड़ा तो उन्होंने खोजबीन की और एक घण्टे बाद बाढ़ के पानी से निकालकर सीएचसी ले गए।अस्पताल में डॉ प्रमित राजपूत में प्रांशु को मृत घोषित कर दिया।जिससे अस्पताल में चीखपुकार मच गई। प्रांशु दो भाइयों में छोटा था।
इधर, गांवों के संपर्क मार्गों पर कम हुआ पानी, गांवों में जगह-जगह कीचड़ व गंदगी
गंगा का जलस्तर सोमवार को 15 सेंटीमीटर घटकर समुद्र तल से 136.90 मीटर ऊंचाई पर पहुंच गया है। गंगा का खतरे का निशान 137.10 मीटर पर दर्ज है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नरौरा बांध से गंगा में 64283 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रामगंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर घटकर 137.05 मीटर ऊंचाई पर पहुंच गया है। खोह, हरेली, रामनगर बैराज से रामगंगा मे 9754 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों नदियों का जलस्तर कम होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी तो उतरने लगा है, लेकिन दलदल, कीचड़ व गंदगी की समस्या बन रही है। गांवों के संपर्क मार्गों पर अभी भी पानी बह रहा है।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में बाढ़ का पानी उतर गया है। कटान भी कम हुआ है, लेकिन गांव में जगह-जगह कीचड़ व गड्ढों में पानी भरा है। कटरी तौफीक के संविलियन विद्यालय में बचे मात्र दो कक्ष में से एक की दीवार चटक गई है। इसके अलावा भगवानपुर, नगला बसोला, बांसखेड़ा, शरीफपुर छिछनी, अजीजाबाद आदि गांवों में भी पानी उतर गया है, लेकिन कीचड़ व गंदगी से लोग परेशान हैं।
गांवों के संपर्क मार्गों पर अभी भी पानी है। अमृतपुर क्षेत्र के गांवों में भी पानी कुछ कम हुआ है। संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। जिन गांवों में पानी कम हुआ है वहां कीचड़ व गंदगी भरी है। वहीं रामगंगा के तटवर्ती गांवों में स्थिति जस की तस है। खेतों में खड़ी गन्ना, धान, बाजरा व मक्का की फसल खराब हो गई है। जिससे किसान चिंतित हैं।
