जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी मोनिका रानी ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की।

जिलाधिकारी ने कहा कि आइजीआरएस के लंबित प्रकरणों के निस्तारण में विलंब की जिम्मेदारी जिलास्तरीय अधिकारियों की होगी। संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। तहसीलों से आय, जाति व मूलनिवास प्रमाणपत्रों के जारी होने में विलंब होने पर उन्होंने अधिकारियों के पेंच कसे। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पांच चरणों में वितरित की जाएगी। विद्युत व्यवस्था की बेहतरी के लिए कमालगंज, मोहम्मदाबाद व अमृतपुर में विद्युत उपकेंद्र स्थापना को भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि कुछ कोटेदारों के अनुबंधपत्र निरस्त किए गए हैं, उनकी फाइलें तत्काल प्रस्तुत की जाएं। पूर्ति निरीक्षक कोटेदारों के वितरण कार्य की विगत पांच माह की प्रक्रिया का विस्तृत सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि राशन वितरण के दौरान पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की निगरानी संबंधित एसडीएम करेंगे। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीनेशन व ब्ली¨चग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। पेयजल उपलब्धता के बारे में दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। जलनिगम के अवर अभियंता स्वयं जाकर क्लोरीनेशन कराएं। जिन क्षेत्रों में संक्रामक रोग पनप रहे हैं वहां सीएमओ, डीपीआरओ अपनी टीमें तत्काल भेजें। गंभीर रोगियों को तत्काल हायर सेंटर के लिए रेफर करें। जिला मलेरिया अधिकारी का वेतन रोका

मलेरिया रोगियों की बढ़ती संख्या पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला मलेरिया अधिकारी का वेतन रोकने का आदेश दिया। नगर क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप से निजात के लिए मैलाथियान छिड़काव कराया जाए। सभी पालिकाओं को मैलाथियान उपलब्ध करा दिया गया है। रैन बसेरों को जनता के लिए खोल दिया जाए।

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