जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : अधिकारियों की लापरवाही के चलते जिले से अभी तक शत-प्रतिशत दिव्यांग शिक्षकों की सूचना बेसिक शिक्षा विभाग को नहीं भेजी गई है, जबकि डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है। यह वह दिव्यांग शिक्षक हैं, जो राज्य मेडिकल बोर्ड में उपस्थित नहीं हुए थे। सूची न देने से जांच अधर में लटकी है। जिम्मेदार एक-दूसरे के पाले में गेंद डालकर बच रहे हैं।

विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण 2007 व 2008 (विशेष चयन) के तहत प्रदेश भर में वर्ष 2007 से 2019 तक जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में लगभग 84 दिव्यांग शिक्षकों की नियुक्तियां हुई थीं। इनमें कई ऐसे शिक्षक थे, जो राज्य स्तरीय मेडिकल बोर्ड जांच कराने के लिए नहीं गए थे। शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर ने वर्ष 2020 में सभी दिव्यांग शिक्षकों की सूचना उपलब्ध कराने के आदेश जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को दिए थे। बीएसए के निर्देश के बावजूद डेढ़ साल से ज्यादा हो गए हैं और अभी तक सभी दिव्यांग शिक्षकों की सूचना राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ नहीं भिजवाई गई है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी लालजी यादव ने बताया कि दिव्यांग शिक्षकों की सूचना विभाग को भिजवाई गई है। जिन दिव्यांग शिक्षकों की सूचना रह गई है, उसके लिए खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। बीएसए ने बताया कि कुछ दिव्यांग शिक्षकों की नियुक्ति डायट रजलामई से भी हुई थी, जिसकी सूचना डायट प्राचार्य को भिजवानी है। डायट प्राचार्य विजय पाल से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

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