जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : ताकत की दवाओं और बाडी बिल्डिग हेल्थ सप्लीमेंट के नाम पर दवा कंपनियां लोगों की सेहत ही नहीं जान तक से खिलवाड़ से बाज नहीं आ रही हैं। अप्रैल में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए अनुपूरक आहार के नाम बिक रही गोलियों का नमूना मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया है। वहीं कायमगंज से लिया गया बेसन के लड्डू का नमूना भी जांच में फेल हो गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विमल कुमार ने विगत 12 अप्रैल को को शहर की सीमा पर स्थित हाथीपुर में बदन सिंह के हंस मेडिकल स्टोर से खाद्य पदार्थ अनुपूरक आहार के तौर बिक रही फेर्रोगेट-एक्सटी गोलियों का नमूना जांच को लिया भी। प्रयोगशाला द्वारा जांच में इसमें मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित रंग टाट्रजीन पाए जाने की पुष्टि हुई। इसके अलवा दवा के लेबल पर भी वैधानिक सूचनाएं अंकित नहीं पाई गईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर नमूने को असुरक्षित व मिथ्याछाप घोषित किया गया है। मामले में सबंधित विक्रेता के अलावा आपूर्तिकर्ता फर्म दीक्षित मेडिकल एजेंसीज रेलवे रोड, फर्रुखाबाद के विरुद्ध भी अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम), फर्रुखाबाद के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। अभिहित अधिकारी सैयद शाहनवाज हैदर आबिदी ने बताया कि असुरक्षित खाद्य पदार्थों के मामले में छह माह से छह वर्ष तक की सजा तथा अधिकतम पांच लाख तक के अर्थदंड का प्रविधान है। उन्होंने बताया कि विगत 24 मई को कायमगंज के मोहल्ला काजम खां स्थित श्योराज सिंह यादव के श्योराज मिष्ठान भंडार से बेसन, चीनी व घी से बना लड्डू का एक नमूना जांच के लिए संग्रहित किया गया था। जिसे जांच में अधोमानक घोषित किया गया है। नमूने के संबंध में अपर जिलाधिकारी के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। अधोमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री के मामले में पांच लाख तक के जुर्माना हो सकता है।

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