संवाद सहयोगी, अमृतपुर : गंगा में जलस्तर बढ़ने से गंबाढ़ का पानी तटवर्ती गांवों में पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संपर्क मार्ग पर पानी भरने से स्कूल जाने वाले बच्चे उसमें घुसकर निकल रहे हैं। जोगराजपुर के ग्रामीण कीचड़ भरे चकरोड से आवागमन कर रहे हैं।

बुधवार को गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ने से 136.55 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से 70,298 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.50 मीटर पर स्थिर है। खोह, हरेली व रामनगर से रामगंगा में 3096 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी तटवर्ती गांव हरसिंहपुर कायस्थ, सुंदरपुर, तीसराम की मड़ैया, बंगला, कुडरी सारंगपुर, बनासीपुर व करनपुर घाट में पहुंच गया है। जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई है। बमियारी गांव के संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी बहने लगा है। जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे बाढ़ के पानी घुसकर निकल रहे हैं। जोगराजपुर गांव के आवागमन के लिए संपर्क मार्ग नहीं है। ग्रामीण चकरोड में भरे कीचड़ व खेतों की पगडंडियों से आवागमन करने को मजबूर हैं। आशा की मड़ैया, माखन नगला, पट्टी भरखा, लायकपुर, जटपुरा कैलियाई, फुलहा, रामपुर, जोगराजपुर व सबलपुर गांव के करीब बाढ़ का पानी पहुंच गया है। उदयपुर के अवधेश सोमवंशी कहते हैं कि गंगा की बाढ़ का पानी खेतों में भर गया है। इससे पहले भी कई दिनों तक पानी भरा रहा। जिससे गन्ना की फसल खराब हो गई है। सबलपुर के अवनीश सिंह कहते हैं कि बाढ़ का पानी खेतों में भरा रहने से धान की फसल खराब हो गई है। गन्ना की फसल भी खराब होने की आशंका बढ़ गई है। जोगराजपुर के जितेंद्र कुमार बताते हैं कि खेतों में कई दिनों से बाढ़ का पानी भरा रहने से चारा की समस्या विकराल हो गई है। ग्रामीण मवेशियों के चारे के लिए भटकते रहते हैं।

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