जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुधेश तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर शासन को शिकायत भेजी गई थी। एआरटीओ व पीटीओ द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों के विरोध में वकील भी बेमियादी हड़ताल पर थे। शासन ने एआरटीओ को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध करने का आदेश जारी किया। आदेश से क्षुब्ध होकर एआरटीओ ने राज्यपाल को अपना त्यागपत्र भेज दिया। इसके समर्थन में सोमवार को एआरटीओ कार्यालय के सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए। जिससे कार्यालय में ताला पड़ गया। कार्यालय बंद होने से आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

यात्री माल कर अधिकारी विजय किशोर आनंद पर कार्यालय में कामकाज निपटाते समय हमला कर दिया गया था। जिससे वह घायल हो गए थे। उन्होंने अधिवक्ताओं सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके कुछ दिन बाद न्यायालय परिसर में एआरटीओ सुधेश तिवारी के साथ मारपीट कर दी गई। दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बाद वकील हड़ताल पर चल रहे थे। रविवार देर शाम एआरटीओ ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया। उन्होंने राज्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, परिवहन आयुक्त, पुलिस महानिदेशक सहित बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव आदि को त्यागपत्र की प्रति भेजी है। त्यागपत्र की जानकारी मिलते ही पीटीओ वीके आनंद व कार्यालय के अन्य सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए। कर्मचारियों के न होने से कार्यालय में ताला लटका रहा। इससे आवेदक कार्यालय के चक्कर काटते रहे।

Posted By: Jagran

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