[रघुवरशरण] अयोध्या। वह जमाना बीत गया, जब रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के नाम पर हिंदू-मुस्लिम आमने-सामने होते थे। इधर युवा मुस्लिम नेताओं के एक ऐसी नई पौध तैयार हो रही है जो विवाद को तूल देने के बजाए सद्भाव का नारा बुलंद कर रही है। राष्ट्रवादी सोच के इन नेताओं का मानना है कि बाबर आक्रांता था और राम मंदिर बनना चाहिए।
मंदिर निर्माण का एजेंडा लेकर सामने आ रही इस पौध में मो. अनीस उर्फ बब्लू खान, लखनऊ निवासी आजम खान, दिल्ली के मशहूर उद्योगपति कैप्टन सिकंदर रिजवी एवं अयोध्या जामा मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष तनवीर रिजवी जैसे नाम हैं जिनकी हाल की गतिविधियां चर्चा में रही हैं। मो. अनीस उर्फ बब्लू खान शहर मुख्यालय से लगे ग्राम मिर्जापुर माफी के रहने वाले हैं। डेढ़ वर्ष पूर्व पंचायत चुनाव में उनकी पत्नी इशरत जहां जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं।

...तो वर्ष की शुरुआत में गोरक्षा मिशन का गठन कर उन्होंने गोरक्षा की मुहिम छेड़ी और गत माह ही राम मंदिर के पक्ष में खुलकर उतरे। 29 अप्रैल को उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले 'हक के साथ आओ- अयोध्या विवाद सुलझाओ का नारा बुलंद करते हुए तुलसी स्मारक भवन में सभा की। सभा में मौजूद सौ से अधिक मुस्लिमों ने मंदिर के समर्थन में आवाज बुलंद की। लखनऊ निवासी आजम खान गत माह सहयोगियों के साथ मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रक ईंट लेकर रामनगरी आ धमके। प्रशासन ने हालांकि उन्हें राम मंदिर जाने से रोक दिया पर उनका हौसला ठंडा नहीं पड़ा।


अतीत पर गौर करें, तो करीब एक दशक पूर्व आल इंडिया शिया पॉलिटिकल कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्लामा सैय्यद असगर अब्बास भी मंदिर निर्माण का समर्थन करने वाले रहे। अल्लामा असगर का दो वर्ष पूर्व इंतकाल हो गया पर दिल्ली के उद्योगपति कैप्टन सिकंदर रिजवी व अयोध्या जामा मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष तनवीर रिजवी पूरी शिद्दत से उनकी विरासत आगे बढ़ा रहे हैं। गत माह अयोध्या आए कैप्टन रिजवी ने रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास से भेंट की है।

गत वर्ष वल्र्ड सूफी कौंसिल के चेयरमैन अब्दुल कत्ताल जिलानी ने परमहंस की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर राम मंदिर निर्माण में मुस्लिमों की आपत्ति को खारिज किया था। रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समन्वय समिति के अध्यक्ष की मानें, तो इस्लामिक कल्चरल सेंटर के चेयरमैन डॉ. मंजूर आलम जैसे लोगों ने भी मंदिर निर्माण के समर्थन का एलान कर रखा है। इसी जिले के ख्यातनाम समाजसेवी एवं चिकित्सक डॉ. निहाल रजा के अनुसार मुस्लिमों की राष्ट्र निष्ठा कभी संदिग्ध नहीं रही और इस सच्चाई को साबित करने के लिए मंदिर-मस्जिद विवाद सुलझाने में सबसे आगे रहेगा। अयोध्यावासी इस नई पहल को शुभ संकेत मान रहे हैं। 

Posted By: Ashish Mishra

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