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Ayodhya News: रामनगरी में भक्‍ति‍ मार्ग चौड़ीकरण के दौरान हादसा, छत ग‍िरने से मजदूर की मौत

Ayodhya Ram Mandir पहले चरण में सड़क के किनारे की खाली जमीन से कब्जे को हटाने के लिए जिला प्रशासन का बुलडोजर सआदतगंज पहुंचा। हरिश्चंद्र मार्केट की दुकान तोड़ते समय छत पलटने से हादसे में मजदूर की मौत।

By Jagran NewsEdited By: Anurag GuptaFri, 18 Nov 2022 06:22 PM (IST)
Ayodhya Ram Mandir: भक्ति मार्ग के हरिश्चंद्र मार्केट की दुकान तोड़ते समय हादसा।

अयोध्या, जागरण संवाददाता। हरिद्वारी बाजार तिराहा से रामजन्मभूमि तक नौ सौ मीटर लंबे भक्तिपथ का इन दिनों चौड़ीकरण चल रहा है। प्रशासन के निर्देश पर व्यापारी अपनी दुकानें तोड़ कर भक्तिपथ के लिए जमीन छोड़ रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को व्यापारी भक्तिपथ के हरिश्चंद्र मार्केट में अपनी दुकानें तोड़वा रहे थे। इसी प्रक्रिया के दौरान एक श्रमिक के ऊपर दुकान की छत गिर गई। लोगों ने कड़ी मशक्कत कर श्रमिक को मलबे से बाहर निकाला और पास के श्रीराम अस्पताल लेकर गए। यहां चिकित्सकों ने श्रमिक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान सीतापुर निवासी 18 वर्षीय प्रांशू के रूप में हुई है।

प्रभावित लोगों ने सौंपा मंडलायुक्त को ज्ञापन

रामपथ के बढ़ते विरोध के बीच हरद्वारी बाजार से वाया हनुमानगढ़ी राममंदिर जाने वाले भक्तिपथ के लिए अधिक जमीन लेने से प्रभावित लोग भी आंदोलन की राह पर हैं। नंदकुमार गुप्त के नेतृत्व एक प्रतिनिधि मंडल मंडलायुक्त नवदीप रिणवा से मिला। बताया कि 14 मीटर चौड़ाई में भक्तिपथ निर्माण की सहमति बनी थी। अब उससे ज्यादा भूमि अधिग्रहीत की जा रही है। कमिश्नर को बताया कि जिलाधिकारी नितीश कुमार ने आठ सदस्यीय कमेटी बनाने की सहमति दी थी। उसी कमेटी को भक्तिपथ के निर्माण में उठने वाले विवाद का निराकरण करना है, उसका गठन न होने से दिक्कत है।

संशोधित डीपीआर प्रभावी होने समेत कई मांगें ज्ञापन में शामिल हैं। नंदकुमार ने बताया कि अब विरोध रामनगरी तक सीमित नहीं रहा। अगले सप्ताह रामपथ के किनारे के प्रभावित लोगों की बैठक होनी है। सभी एक-दूसरे के संपर्क में हैं। राममंदिर जाने वाले किसी पथ का विरोध नहीं है। विरोध मुआवजे की धनराशि कम देने, उनका चौड़ीकरण कम करने, जिनके भवन बने हैं, उनको ही भूमि का मुआवजा देने आदि उठ रहे बिंदुओं पर जिला प्रशासन को विचार करना चाहिए।

रामपथ का कब्जा हटाने पहुंचा बुलडोजर

सआदतगंज से शुरू हुआ सरकारी जमीन से कब्जा हटाना जासं, अयोध्या: रामपथ निर्माण के प्रथम चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले चरण में सड़क के किनारे की खाली जमीन से कब्जे को हटाने के लिए जिला प्रशासन का बुलडोजर सआदतगंज पहुंचा। सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। अब्बूसराय गांव जाने वाले मोड़ से बुलडोजर ने सड़क के किनारे का अतिक्रमण हटाना शुरू किया। एडीएम (प्रशासन) अमित सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए यह अभियान सिर्फ सर्किट हाउस तक के लिए है। सड़क समेत लगभग 40 मीटर भूमि इस क्षेत्र में सरकारी है। अभी 31 मीटर चौड़े रामपथ के निर्माण के लिए सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।

मुआवजा लेने के बाद भी नहीं छोड़ रहे कब्‍जा 

एडीएम ने स्पष्ट किया कि निर्माण वाली अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा लेने के बाद भी कब्जा न हटाने पर उसे प्रशासन हटवायेगा। रामपथ की चौड़ाई 20 मीटर है। उसे 18 मीटर करने की मांग रामपथ के दोनों ओर के लोगों ने शुरू कर दी है। मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी को इसके लिए ज्ञापन सौंप चुके हैं। रामनगरी के लोग पहले से उसकी चौड़ाई घटाने एवं भवन वाली भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। इसी तरह की मांग रिकाबगंज से नियावां के लोगों ने भी शुरू की है।

जिला प्रशासन से सहमति न बनने पर इसके लिए वे भी आंदोलन की राह पर बढ़ने वाले हैं। रामनगरी एवं रामपथ के किनारे के शहर के लोग एकजुट होकर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। सआदतगंज से नयाघाट तक रामपथ की लंबाई लगभग 13 किमी है। करीब 275 करोड़ रुपये रामपथ के मुआवजा के मद में जिला प्रशासन को मिल चुके हैं। रामपथ के किनारे जिनके भवन का हिस्सा उसमें आने को चिह्नित है, उसकी रजिस्ट्री शुरू है।