अयोध्या: वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने पर गुरुवार को विजय ज्योति यहां पहुंची। यहां ब्रिगेडियर जेकेएस विर्क ने जफा पार्क व डोगरा वॉर मेमोरियल में विजय ज्योति का स्वागत किया। साथ ही शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किये गये। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए गत वर्ष 16 दिसंबर से इस साल 16 दिसंबर तक की अवधि को स्वर्णिम विजय वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है। इसी के तहत विजय ज्योति गुरुवार को यहां आई। छावनी में सेना के साथ प्रशासन, पुलिस, एनसीसी कैडेट्स, नागरिक सुरक्षा समितियों के स्वयंसेवकों ने विजय ज्योति का स्वागत किया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सैन्य बैंड की देशभक्ति की धुनों के साथ विजय ज्योति को आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों ने वीर नारी (युद्ध विधवा) व युद्ध में शामिल रहे सेना के पूर्व अधिकारियों व जवानों को सम्मानित किया। इस मौके पर जिलाधिकारी अनुज झा, एसपी सिटी विजयपाल सिंह, वीर नारी शांता, गंगोत्री, शांतिदेवी, युद्ध में शामिल रहे देवीप्रसाद तिवारी, शिवशंकर सिंह, पारसनाथ, इतकाद हुसैन, कृपाशंकर सिंह, परशुराम सिंह, जगदीश सिंह, सियाराम सिंह, मिर्जा मंसूर आदि थे।

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सिविल लाइंस में हुआ स्वागत

सिविल लाइंस में रामभवन के सामने नेताजी सुभाषचंद्र बोस राष्ट्रीय विचार केंद्र के अध्यक्ष शक्ति सिंह की अगुवाई में विजय ज्योति का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। शक्ति सिंह ने कहाकि सेना के शौर्य से भारत ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाई थी। इस मौके पर डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह, निरंकार तिवारी, महेश मिश्र, प्रत्यूश, धर्मेंद्र, गुंजन, संदीप श्रीवास्तव आदि थे।

वीर नारियों व युद्ध में शामिल रहे सेना के पूर्व अधिकारियों व जवानों का हुआ स्वागत।

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