अयोध्या : सुप्रीम फैसले के स्पर्श से सीता-राम विवाहोत्सव का रंग रामनगरी पर जमकर चढ़ा। उत्सव में शिरकत करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या न केवल पूर्व के वर्षों की तुलना में कहीं अधिक रही और वे दूर-दराज तक से आए बल्कि उत्सव के आयोजक संत-महंतों का उत्साह भी द्विगुणित था। यूं तो उत्सव का अतिरेक बीती रात मंदिरों से रामबरात प्रस्थान के साथ परिभाषित हुआ पर शीर्ष से गुजरने की खुमारी का जादू सोमवार को सिर चढ़कर बोला। मधुर उपासना परंपरा की शीर्ष पीठों में शुमार रंगमहल पूरी रात उत्सवधर्मिता का साक्षी बना रहा। यहां से बरात प्रस्थान रविवार को सायं सात बजे ही हुआ पर 11 बजे तक बरात की वापसी। इसके बाद पूरी रात विवाह की रस्म संपादित हुई। वर पक्ष के मुख्य यजमान का दायित्व रंगमहल के महंत रामशरणदास ने और वधू पक्ष के यजमान का दायित्व प्रदेश भाजपाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के पुत्र इंजीनियर अभिषेक सिंह तथा पुत्री डॉ. प्रियंका सिंह एवं प्रीति सिंह ने निभाया। इस मौके पर महापौर ऋषिकेश उपाध्याय भी मौजूद रहे। सुबह रामकलेवा के साथ उत्सव की सरगर्मी तो थमी पर भोज-भंडारा की सरगर्मी नए सिरे से व्याप्त हुई। रामभक्तों की प्रधान पीठ कनकभवन की ओर आस्था का ज्वार उमड़ा। कलेवा में भगवान को 56 भोग प्रस्तुत किए जाने के पूर्व जेवनार गायन के साथ भक्ति संगीत की छटा बिखरी। आचार्य पीठ दशरथमहल बड़ास्थान, रामवल्लभाकुंज, मणिरामदास जी की छावनी, हनुमानबाग, जानकीमहल, मंत्रार्थमंडपम, विअहुतीभवन, लक्ष्मणकिला, रसमोदकुंज, सियारामकिला आदि सहित अनेक मंदिरों में भी पूरी रात विवाह की रस्म और सोमवार को कलेवा का भोग तथा भंडारा की धूम रही।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप