मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

अयोध्या : प्रदेश में सियासी जमीन मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने नए सिरे से मुहिम छेड़ी है। सूबे के हर जिले से खांटी कांग्रेसियों को गुपचुप तरीके से दिल्ली बुलाकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा जमीनी हकीकत परख रही हैं। इसके साथ ही आमजन के हितों के लिए कांग्रेस संघर्ष को तैयार हैं। इस क्रम में भगवा सियासत की धुरी मानी जाने वाली अयोध्या को साधने में पार्टी जुटी है। हाल ही में कांग्रेस ने पार्टी के पुराने चेहरे महानगर अध्यक्ष सुनील पाठक को भी दिल्ली बुलाकर विभिन्न मुद्दों पर उनकी राय ली।

प्रियंका के बुलावे पर सुनील पाठक दिल्ली पहुंचे। वहां राहुल गांधी के आवास पर प्रियंका से तकरीबन आधे घंटे की मुलाकात हुई, जिसमें प्रियंका गांधी ने दल का विजन रखा और इस पर सुनील का पक्ष जाना और अन्य बिदुओं पर राय रखने को कहा। उन्होंने सामाजिक सदभाव को अहमियत दी। कहा कि कांग्रेस सभी धर्म, पंथों का दल है। इस सूत्र से देश व प्रदेश को भारतीयता के मूलचरित्र से आबद्ध कर पार्टी का जनाधार विकसित किया जा सकता है। पाठक ने बताया कि प्रियंका की अगुवाई में पिछड़े, गरीब व निरीह तबके का प्रतिनिधित्व करने को कांग्रेस तैयार है। केंद्र व प्रदेश की विघटनकारी नीतियों की वजह से लोग कांग्रेस की ओर देख रहे हैं।

साकेत महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके सुनील ने राष्ट्रीय महासचिव की पहल को बेहतरीन बताया। कहा, कार्यकर्ताओं व नेताओं में ऊर्जा का संचार हो रहा है। कहा कि पार्टी नेतृत्व चाहता है कि किसानों को उर्वरक व बिजली मुफ्त मिलनी चाहिए, जिससे किसान हरहाल में बेहतर खेती के जरिए अपनी आय बढ़ा सके। पुरानी पेंशन बहाली पर भी पार्टी गंभीर है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप