अयोध्या: पावर कारपोरेशन कर्मियों ने इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 का विरोध किया है। अभियंताओं के साथ कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज कराया और केंद्र सरकार से बिल वापस लेने की मांग। अभियंताओं ने जोन के मुख्य अभियंता व फेसू के साथ ही जिले भर के कारपोरेशन के कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। कहा गया कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 में नई टैरिफ नीति में सब्सिडी समाप्त कर दी जाएगी। नई नीति और निजीकरण के बाद सब्सिडी समाप्त होने से उपभोक्ताओं को महंगी दर पर बिजली मिलेगी। किसानों और आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। नए बिल में यह प्रावधान किया जा रहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार केंद्र सरकार के पास चला जाएगा। नए बिल में एक निश्चित प्रतिशत तक सोलर पावर खरीदना राज्य के लिए बाध्यकारी होगा और ऐसा नहीं करने पर राज्य को भारी जुर्माना देना होगा। विरोध जताने वालों में मुख्य अभियंता एके सिंह, अधीक्षण अभियंता रवींद्र गुप्ता, अधिशासी अभियंता डीसी दीक्षित, रोहित सिंह, मनोज गुप्त, सहायक अभियंता पंकज तिवारी, अभय चौबे, एसपी सिंह, ऋषिकेश यादव, निखिल नायक, प्रवीण त्रिपाठी, नरेश जायसवाल आदि थे। हैदरगंज संवादसूत्र के मुताबिक विद्युत उपकेंद्र केरालाल खां पर कर्मचारियों हाथ में काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। किसानसभा के जिलाध्यक्ष रामप्रकाश तिवारी, जिलामंत्री अवधराम यादव व किसान सभा के संरक्षक रामतीर्थ पाठक ने समर्थन दिया। विरोध जताने वालों में अवर अभियंता प्रमोद कुमार, धर्मराज, लवकुश, श्रीराम, शिवनारायण दुबे, श्यामनारायण, तिलकराम, लवकुश आदि थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस