अयोध्या : सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सरकार ने नगर निगम सीमा के विस्तार की कार्यवाही को गति प्रदान की। वर्तमान नगर निगम क्षेत्र से सटे 41 राजस्व गांवों को जोड़ते हुए नगर निगम क्षेत्र का सीमा विस्तार किया जाना प्रस्तावित है, जिसके नोटीफिकेशन जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। सीमा क्षेत्र का दायरा बढ़ने की योजना के मद्देनजर नगर निगम ने संसाधनों से मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सीमा क्षेत्र बढ़ेगा तो कूड़ा भी बढ़ेगा, ऐसे में शहर के सेहत की चिता करना स्वाभाविक है। इसे लेकर नगर निगम ने सरकार से कूड़ा निस्तारण का बेहतर प्रबंधन करने के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की मांग की है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्लांट की स्थापना के लिए मांग पत्र नगर विकास मंत्रालय को भेजा जा चुका है। अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

अयोध्या विवाद निपटने के बाद रामनगरी के विकास की बुनियाद डालने का कार्य शुरू हो चुका है। अयोध्या नगर निगम क्षेत्र का दायरा बढ़ाना इसी का हिस्सा माना जा रहा है। नगर निगम के पास कोई मुफीद डंपिग स्थल नहीं है। अफीम कोठी के पीछे सहित शहर में कई स्थानों पर कूड़ा एकत्र किया जाता है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगर पालिका रहते समय प्रक्रिया शुरू हुई थी। अफीम कोठी के पास जमीन भी देखी गई, लेकिन फ्लाइंग जोन में आने की वजह यहां प्लांट की स्थापना नहीं हो सकी। इसके बाद जिला प्रशासन की देखरेख में जमीन की तलाश शुरू हुई, लेकिन परिणाम तक नहीं पहुंच सकी। ......... सीमा विस्तार के साथ बढ़ेगी आबादी -नगर निगम का सीमा विस्तार होने के बाद आबादी में बड़ा इजाफा होना तय है। अभी नगर निगम क्षेत्र की आबादी दो लाख 21 हजार है। सीमा विस्तार के बाद आबादी बढ़कर तीन लाख 11 हजार हो जाएगी। वर्तमान में 125 मीट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकल रहा है। दायरा बढ़ने के बाद 200 से 250 मीट्रिक टन कूड़ा निकलने की संभावना है। ऐसे में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगवाया जाना आवश्यक है।

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