विनोद यादव, अयोध्या

परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प इस समय प्राथमिकता पर चल रहा है। योगी सरकार इसको लेकर प्रतिबद्ध है। इस स्पर्धा में जिले के 354 विद्यालयों ने बाजी मारते हुए शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। इन सभी ने तय मानक के अनुरूप विद्यालयों में संपूर्ण विकास कार्य कराकर सबका ध्यान खींचा है। मिल्कीपुर ब्लाक में 58, रुदौली में 53, व तारुन ब्लाक में 48 स्कूलों की सूरत बदल गई है। वहीं जिले के सात विद्यालयों में अभी कायाकल्प का कार्य प्रारंभ तक नहीं हो सका है। यहां कुल 1795 विद्यालय हैं, जिसका 19 पैरामीटर पर कायाकल्प किया जाना है। 354 विद्यालयों में सौ प्रतिशत, 498 विद्यालयों में 18, 359 में 17, 203 विद्यालय में 16 तथा 111 विद्यालयों में 15 पैरामीटर पूरा किया जा चुका है। ये सभी विद्यालय कायाकल्प के शतप्रतिशत मानक को पूरा करने की ओर अग्रसर हैं।

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ये हैं कायाकल्प के निर्धारित 19 बिदु

विद्यालय में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, नल से जल की आपूर्ति, बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय व मूत्रालय तथा इसमें जलापूर्ति व टाइल्स लगाने का कार्य, दिव्यांग शौचालय, मल्टीपल हैंडवाशिग यूनिट, आधुनिक रसोईघर, सभी कक्ष व बरामदे में टाइल्स लगाने का कार्य, ग्रीन बोर्ड, विद्यालय की रंगाई-पुताई, दिव्यांग के लिए रैंप व रेलिग, सभी कक्ष में वायरिग व बिजली सप्लाई, विद्युत संयोजन, बच्चों के लिए डेस्क, बेंच व बाउंड्रीवाल निर्माण है।

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नगर क्षेत्र हुआ क्लीन बोल्ड

कायाकल्प की मुहिम को नगर क्षेत्र में झटका लगा है। यहां के 47 परिषदीय विद्यालयों में से एक भी विद्यालय में पूरा कार्य नहीं हो सका। चंद विद्यालय ही ऐसे हैं, जहां कायाकल्प शुरू हो सका है।

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14 पैरामीटर पर 97 फीसद विद्यालयों को संतृप्त किया जा चुका है। शेष बचा कार्य जल्द कराया जाएगा। इसका निर्देश दिया जा चुका है। लगातार निगरानी की जा रही है।

संतोष कुमार देव पांडेय, बीएसए अयोध्या।

Edited By: Jagran