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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एफसीआइ की लैब बताएगी चावल की उम्र

By JagranEdited By:
Published: Fri, 12 Nov 2021 08:10 AM (IST)

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) राइस मिलर्स का चावल गोदाम में जमा करने से पहले उसकी उम्र (अवधि) का पता अपने ...और पढ़ें

एफसीआइ की लैब बताएगी चावल की उम्र
एफसीआइ की लैब बताएगी चावल की उम्र

आनंदमोहन, अयोध्या

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) राइस मिलर्स का चावल गोदाम में जमा करने से पहले उसकी उम्र (अवधि) का पता अपने लैब से कराएगा। कुटाई के तीन महीने तक का चावल ही उसके गोदाम में मिलर्स जमा कर सकेंगे। भारत सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अलावा पुराना चावल जमा करने पर रोक लगाने के मकसद से यह प्रतिबंध लगाया है। एफसीआइ गोदाम-गद्दोपुर के गुण नियंत्रण प्रबंधक लालजी ने कहा, चावल की उम्र पता लगाने के बारे में मिलर्स को जानकारी दी गई है। अभी मिलर्स का चावल आना शुरू नहीं हुआ है। तीन महीने से अधिक समय का चावल केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार जमा करने के लिए अनुमन्य न होने के बारे में मिलर्स को बताया गया है। परीक्षण में तीन महीने से अधिक समय का होने पर चावल रिजेक्ट हो जाएगा। मिलर्स को उसे वापस ले जाना होगा। बताया, चावल के परीक्षण की अवधि शून्य से लेकर छह माह तक की है। केमिकल के टच में आने पर कुटाई की अवधि के अनुसार चावल का वर्गीकरण उसके रंग में बदलाव से किया गया है। कहा,चावल का कलर पीला होने पर उसे तीन महीने पहले की कुटाई का माना जाएगा। नारंगी कलर होने पर भी उसे अधिक समय का मान कर रिजेक्ट कर दिया जाएगा। सहकारिता कर्मियों की हड़ताल से जिले में अभी समर्थन मूल्य पर धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी है। उससे पहले लगी बंदिशों ने राइस मिलर्स की नींद उड़ा दी है। वैसे राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष लालजी जायसवाल को केंद्र व राज्य सरकार के सारे प्रतिबंध मंजूर हैं। उनके अनुसार चावल की रिकवरी 67 फीसद से घटाकर 60 फीसद एवं प्रति क्विटल चावल की कुटाई का शुल्क बढ़ाना होगा। मिलर्स को सरकार के सारे प्रतिबंध स्वीकार हैं। तीन महीने की अवधि का चावल ही एफसीआइ गोदाम में मिलर्स जमा कराएंगे। पहले भी कुटाई के बाद का चावल ही जमा कराया जाता था। राइस मिलर्स पर लंबे समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) एवं बिहार से मंगाए चावल को जमा कराने के आरोप लगते रहे हैं। जायसवाल, ऐसे आरोपों को खारिज करते हैं। जिले में 85, 500 मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद का लक्ष्य इस बार है। उसके सापेक्ष करीब 45 हजार एमटी चावल एफसीआइ के गोदाम में मिलर्स जमा कराएंगे।