अयोध्या, जेएनएन। अयोध्या मामले पर आए सर्वो'च न्यायालय के फैसले से जुड़ी हर कार्रवाई का शीघ्रता से अनुपालन कराया जाएगा। अयोध्या के लिए निश्चित तौर पर यह महत्वपूर्ण वक्त है और विकास को लेकर नई संभावनाएं सामने हैं। इसलिए अयोध्या के विकास को लेकर बनी योजनाओं को यथाशीघ्र साकार कराना प्राथमिकता में है। यह विचार नवागत मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने व्यक्त किया।

कमिश्नर आवास पर स्थित कैंप कार्यालय में कार्यभार ग्रहण  करने के उपरांत वह पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहाकि सर्वो'च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन कराने के साथ ही पर्यटन विकास के कार्यों में तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहाकि एयरपोर्ट निर्माण के लिए छह सौ करोड़ रुपये मिल चुके हैं। डीएम से हुई वार्ता में यह अवगत कराया गया है कि योजना से जुड़ी करीब 25 हेक्टेयर जमीन भी खरीदी जा चुकी है। इसी प्रकार अन्य विकास योजनाओं को लेकर जो भी प्रक्रियाएं चल रही हैं उन्हें शासन की मंशा के अनुरूप पूरा कराया जाएगा। निराश्रितों एवं बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी, इसके लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण व अन्य ऐहतियाती कदम उठाए जाएंगे। विभाग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर सेवानिवृत्त मंडलायुक्त मनोज मिश्र, डीएम अनुज झा मौजूद रहे। 

अयोध्या को करीब से जानते हैं एमपी अग्रवाल 

-नवागत मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल अयोध्या को करीब से जानने वाले अधिकारियों में हैं। तीन जुलाई वर्ष 2009 से 19 मार्च 2012 तक वह अयोध्या के जिलाधिकारी भी रहे हैं। तब इस जिले को फैजाबाद से नाम से जाना जाता था। अयोध्या के विकास के बावत पूछे गए सवाल पर एमपी अग्रवाल ने जिले से अपने इसी नाते का जिक्र किया। उन्होंने कहाकि तब से अब की अयोध्या में बहुत बदलाव हुआ है। विकास का यह क्रम सतत चलता रहे इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। सहारनपुर के मंडलायुक्त सहित शासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे चुके एमपी अग्रवाल कहते हैं कि गंगा-जमुनी तहजीब का बेहतरीन उदाहरण अयोध्या की धरती पर ही देखने को मिलता है। यहां के लोगों का सहयोग विकास में काफी अहम भूमिका निभाएगा। 

Posted By: Anurag Gupta

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