अयोध्या : डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन का रास्ता साफ हो गया है। 50 दिन के भीतर ही नैक मूल्यांकन होने की उम्मीद है। अवध विश्वविद्यालय की स्थापना के तकरीबन 40 वर्ष बाद पहली बार नैक मूल्यांकन होने जा रहा है। अवध विश्वविद्यालय ने इस मूल्यांकन की पहली परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। इसकी सूचना नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल ने विश्वविद्यालय को दी है। दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

इस प्रक्रिया की सबसे बड़ी उपलब्धि तो यह है कि अविवि प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है, जिसकी एसएसआर रिपोर्ट सत्र 2019-20 में अनुमोदित हो गई है। सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन के लिए समन्वयक तैनात कर दिए गए हैं। दो वर्षों से विवि के कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित ने शैक्षिक उन्नयन के साथ ही नैक मूल्यांकन कराने को प्राथमिकता में रखा। इसकी तैयारी करने के लिए बाकायदा एक सेल गठित किया गया है। दिन-रात एसएसआर की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी रही। तकरीबन चार माह पूर्व एसएसआर भेजा था। काउंसिल से मुहर लगने के बाद विवि को दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। एसएसआर बनाने में विवि ने इतनी तत्परता बरती कि एसएसआर मूल्यांकन में तनिक भी त्रुटि नहीं मिली और पहली बार में ही इसका अनुमोदन हो गया। यह बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है।

कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित ने बताया कि नैक मूल्यांकन होने से विवि को ग्रेड मिल जाएगा तो विवि का विकास तेजी से होगा। कर्मचारी परिषद के पूर्व अध्यक्ष राजेश सिंह ने नैक मूल्यांकन होने को बड़ी उपलब्धि बताया और इसका श्रेय कुलपति प्रो.दीक्षित को दिया।

Posted By: Jagran

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