अयोध्या, जेएनएन। भगवान राम की नगरी अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यहां पर मंदिर-मस्जिद विवाद से जुड़े 18 पैरोकारों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शासन के निर्देश पर बुधवार की देर शाम उन्हें एक-एक गनर उपलब्ध कराया गया है, जिन्हें पहले से ही सुरक्षा मिली है।

पैरोकारों के सभी अंगरक्षक बरकरार रखे गए हैं। सूची में जिनके नाम शामिल हैं, उनमें रामलला के मुख्य अर्चक सत्येंद्र दास, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती, हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश दत्त मिश्र, मुस्लिम मजलिस के नेता नदीम, बादशाह खान, मुस्लिम लीग के नेता डॉ. नजमुल हसन गनी, अधिवक्ता पुंडरीक मिश्र सहित 18 पैरोकार शामिल हैं।

मुकदमे में पक्षकार इकबाल अंसारी, हाजी महबूब, धर्मदास सहित प्रमुख लोगों को पहले से ही सुरक्षा मिली हुई है। पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि अयोध्या मामले पर फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री ने मुकदमे से जुड़े पक्षकारों एवं पैरोकारों के सुरक्षा की समीक्षा की, जिसके उपरांत 18 लोगों को गनर देने का निर्णय लिया गया।

पर्यटन थाना के लिए देखी गई जमीन

पर्यटन थाना बनाने के लिए साकेत पेट्रोलपंप, हनुमानगुफा व बैकुंठधाम के पास जमीन देखी गई है। सीओ सिटी अरङ्क्षवद चौरसिया ने बताया कि जमीन चिह्नित की जा रही है। इन जमीनों का प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। अयोध्या फैसले के बाद यहां पर्यटन थाना खोलने की कवायद तेज हो गई है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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