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अयोध्या की मंडली करेगी आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में रामलीला

सुदूर देशों में रामलीला की अलख जगी है। केंद्र के सहयोग और अयोध्या शोध संस्थान आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और फिजी जैसे देशों में रामलीला का मंचन करेगा।

By Nawal MishraEdited By: Published: Sat, 30 Jul 2016 07:07 PM (IST)Updated: Sat, 30 Jul 2016 08:27 PM (IST)

फैजाबाद (जेएनएन)। सुदूर देशों में रामलीला की अलख जग रही है। केंद्र सरकार के सहयोग और अयोध्या शोध संस्थान के संयोजन में आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और फिजी जैसे देशों में रामलीला का मंचन होगा। इस दिशा में सारी औपचारिकता पूर्ण हो गई है और तारीख भी तय कर ली गई। अभियान की शुरुआत 10 अक्टूबर को होगी, जब अयोध्या की रामलीला मंडली तीन देशों की यात्रा पर रवाना होगी।

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10 दिवसीय यात्रा के दौरान स्थानीय मंडली रामलीला का मंचन के साथ रामलीला की प्रस्तुति का प्रशिक्षण भी देगी। यात्रा में रामलीला व रामकथा पर केंद्रित कुछ सेमिनार भी होंगे। यह कोई पहला मौका नहीं है, जब शोध संस्थान के संयोजन में स्थानीय रामलीला मंडली सुदूर के देशों में रामलीला की अलख जगाने जा रही है। गत कुछ वर्ष के दौरान शोध संस्थान के प्रयासों के परिणामस्वरूप स्थानीय रामलीला मंडली को त्रिनिदाद, जमैका, थाईलैंड, सूरीनाम, इंडोनेशिया आदि भारतीय संस्कृति के प्रभाव वाले देशों में मंचन का अवसर मिल चुका है। इन देशों की मंडलियां शोध संस्थान में आकर रामलीला का मंचन भी कर चुकी हैं। फिलहाल, प्रस्तावित अभियान के लिए शोध संस्थान पत्थर मंदिर से संचालित अवध आदर्श रामलीला मंडल का चयन करने की तैयारी में है। रामकथा मर्मज्ञ पं.राधेश्याम शास्त्री के अनुसार यूं तो दुनिया के चार दर्जन के करीब देश रामकथा के किसी न किसी रूप से जुड़े हैं। शोध संस्थान का प्रयास इस विरासत को नई रंगत और प्रवाह दे रहा है।


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