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इटावा में सरकारी अस्पताल में डाक्टर के मसाला खाने पर राजस्थान के युवक का हंगााम, Dial-112 पर काॅल कर बुला ली पुलिस

Published: Sun, 08 Mar 2026 07:28 PM (IST)

इटावा के जिला अस्पताल में बंदर के काटने पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने आए एक युवक ने ड्यूटी पर डॉक्टर के मसाला खाने को लेकर हंगामा किया।

जिला अस्पताल में पुलिस कर्मी से बहस करता अशोक मीणा। जागरण

जिला अस्पताल में पुलिस कर्मी से बहस करता अशोक मीणा। जागरण

HighLights

  1. इटावा स्टेशन पर बंदर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने पहुंचा था

  2. डायल-112 कर्मियों पर भी लगाए मिलीभगत के आरोप लगा उनकी भी दर्ज कराई शिकायत

  3. नशे की हालत में होने पर हिरासत में लेकर थाने ले गई पुलिस

जागरण संवाददाता, इटावा। डा. भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार दोपहर बंदर काटने पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने पहुंचे एक युवक ने डाक्टर के ड्यूटी पर मसाला खाने को लेकर जमकर हाईबोल्टेज ड्रामा किया। यहीं नहीं उसने 112 पर काल करके पुलिस भी बुला ली। पुलिस कर्मियों के डाक्टर से नरमी से बात करने पर वह पुलिस कर्मियों पर भड़क गया और डायल-112 के लखनऊ हेडक्वार्टर पर उनकी भी डाक्टर से मिले होने की शिकायत दर्ज करा दी।

इससे मामला तूल पकड़ गया। आनन-फानन में सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को भांपकर शिकायतकर्ता के ड्रिंक किए जाने पर उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई। करीब आधा घंटे तक अस्पताल में यह हंगामा चला जिससे इमरजेंसी में इलाज के लिए आए मरीजों को परेशान होना पड़ा।

राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्याम निवाासी शिकायतकर्ता युवक अशोक मीणा किसी काम से लखनऊ गए थे। वहां से ट्रेन से रविवार को इटावा पहुंचे थे। उन्हें शाम करीब सवा चार बजे स्टेशन से राजस्थान के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। इसी दौरान स्टेशन के बाहर सामान खरीदने जाते समय एक बंदर ने उनके बाएं हाथ पर काट लिया।

घटना के बाद अशोक मीणा दोपहर करीब तीन बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा। आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डा़ राहुल बाबू ड्यूटी पर मसाला खा रहे थे, इस बात को लेकर मरीज और डॉक्टर के बीच तीखी बहस हो गई। मरीज का कहना था कि जब उन्होंने डॉक्टर को मसाला खाकर ड्यूटी करने पर टोका तो डाक्टर ने इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया और कहा कि जो करना हो कर लो।


इस पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। अशोक मीणा ने डायल 112 पर काल कर पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने डाक्टर से नरमी से पेश आकर मामले की जानकारी की और मरीज को इंजेक्शन लगवाकर जाने के लिए कहा, इस बात पर शिकायकर्ता अशोक ने यह कहकर इंजेक्शन लगवाने से मना कर दिया कि डॉक्टर उसे जहर का इंजेक्शन लगा सकते हैं।

इसके बाद वह पुलिसकर्मियों से भी उलझ गया और दोबारा डायल 112 पर कॉल कर जो पुलिसकर्मी मौके पर आए थे, वह डाक्टर से मिले हैं यह आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करा दी। मामले की जानकारी पर सिविल लाइंस थाना के मोतीझील चौकी के प्रभारी सुरेश कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। बताया गया कि युवक शराब के नशे में था। इसके बाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई। करीब आधे घंटे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हाईवोल्टेज हंगामा चलता रहा, जिससे वहां मौजूद अन्य मरीज भी परेशान हो गए।


गौरतलब है कि तीन दिन के भीतर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामे की यह दूसरी घटना है। इससे पहले सिविल लाइंस क्षेत्र के सरैया मोहल्ले में सीढ़ियों से गिरकर घायल एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो जाने पर गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी ओटी में हंगामा, तोड़फोड़ और मारपीट कर दी थी। उस समय भी स्थिति संभालने के लिए पुलिस बल बुलाना पड़ा था।