UP MLC Election: सैफई में पत्नी के साथ शिवपाल यादव ने डाला वोट, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी के महासचिव शिवपाल यादव ने सैफई में एमएलसी चुनाव में मतदान किया और पार्टी प्रत्याशियों की जीत का दावा किया।

सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव और उनकी पत्नी सरला यादव।
HighLights
शिवपाल यादव ने सैफई में एमएलसी चुनाव में वोट डाला।
उन्होंने मतदाता सूची में अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए।
सपा के दोनों प्रत्याशियों की जीत का दावा किया।
संवाद सहयोगी, सैफई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव में पार्टी के दोनों प्रत्याशियों की जीत का दावा किया। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वह पत्नी सरला यादव के साथ क्षेत्र पंचायत कार्यालय स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और कुछ मतदाताओं के वोट न पड़ पाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां भी गड़बड़ी हुई है, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
चुनाव की तैयारियों और जीत के दावे से जुड़े सवाल पर शिवपाल ने कहा कि मतदान जारी है और मतदाता वोट डाल रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सपा के दोनों प्रत्याशी जीतेंगे। फर्जी मतदान और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने मतदाताओं से सतर्क रहने को कहा।
शिवपाल के अनुसार, कई लोगों ने फॉर्म भरकर दिए, फिर भी उनके वोट नहीं पड़ सके। उन्होंने इसे प्रशासनिक स्तर की गड़बड़ी बताते हुए कहा कि इसमें कहीं न कहीं बेईमानी हुई है। मतदाता सूची में नामों की त्रुटियों पर उन्होंने जांच की मांग की और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव पर विधान परिषद चुनाव के असर के सवाल पर शिवपाल ने कहा कि इसका आगामी चुनाव पर बहुत असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन में केवल स्नातक मतदाता हिस्सा लेते हैं, आम जनता के सभी मतदाता नहीं।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बयानों पर शिवपाल ने कहा कि वह उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते और दूसरों को भी ऐसा नहीं करना चाहिए।
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान कि राम, कृष्ण, विष्णु, महेश को भगवान नहीं मानूंगा और पूजा नहीं करुंगा पर उन्होंने कहा कि ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था और इस बारे में पहले पार्टी नेतृत्व से बात करनी चाहिए थी। शिवपाल ने इसे अनुशासनहीनता के दायरे में बताया। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्णय करेंगे।
