संवादसूत्र, बकेवर : कस्बा स्थित 50 शैया अस्पताल में आंखों के रोगियों के परीक्षण के लिए डाक्टर के कक्ष में उपकरण न लगाए जाने से परीक्षण नहीं हो पा रहा है। बुधवार को नेत्र विशेषज्ञ डा. गौरव द्विवेदी ने आकर मरीजों का उपचार किया। आंखों के रोगी आने लगे हैं, परंतु आंखों को चेक करने के लिए बेसिक उपकरण न लगाए जाने से परीक्षण करने में समस्या आ रही है।

सीएमओ द्वारा बनाए गए रोस्टर के अनुसार अभी कुछ चिकित्सक रोगियों को देखने नहीं आ रहे हैं। बुधवार को डा. गौरव द्विवेदी ने आकर मरीजों को देखा। सीएमओ ने 50 शैया अस्पताल को प्रभावी रूप से चलाने के लिए शासन से डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नियुक्त न होने की स्थिति में जिले से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों का रोस्टर अनुसार ड्यूटी निर्धारित की है। डा. द्विवेदी का कहना है आंखों के रोगों को चेक करने के लिए जो बेसिक उपकरण होने चाहिए, वह उपकरण अभी इस अस्प्ताल में डाक्टर के कक्ष में नहीं लगाए गए हैं, जबकि जानकारी करने पर पता चला है कि उपकरण अस्पताल में मौजूद रखे हैं। इस संबंध में उन्होंने अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट से उपकरणों को लगाने के लिए कहा है परंतु उनके द्वारा अभी तक उपकरण नहीं लगाए गए जिसके कारण मरीजों का परीक्षण करने में दिक्कत आ रही है।

फार्मासिस्ट वीणा वर्मा ने बताया कि उपकरण काफी महंगे हैं और अभी अस्पताल में रात की ड्यूटी करने के लिए किसी सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं है। इस वजह से उनसे सीएमओ अथवा अस्पताल के प्रभारी डाक्टर द्वारा उन उपकरणों को लगाने के संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। अस्पताल में तैनात चिकित्सक डा. संजय आनंद व डेंटिस्ट डा. शाहना ने भी अपने रोग से संबंधित मरीजों का उपचार किया।

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दो गांवों में मिले वायरल के 5 मरीज

जागरण संवाददाता, इटावा : प्रदेश की भाजपा सरकार संक्रामक बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। इसी के जांच को लेकर तथा डोर-टू -डोर चल रहे अभियान की समीक्षा को लेकर ज्वाइंट डायरेक्टर स्वास्थ्य डा. डीके गर्ग ने नोडल अधिकारी डा. महेश चंद्रा को गांव-गांव जाकर जानकारी एकत्र करने का काम सौंपा था। उन्होंने सैफई क्षेत्र के दो गांवों का भ्रमण किया जहां से 5 वायरल के मरीज मिले।

उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर इस समय गांव-गांव फैल रही संक्रमण की बीमारी को रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं। कार्य की समीक्षा के लिए मुख्यालय स्तर से अधिकारी भी आ रहे हैं।

बुधवार को टीम ने जब सैफई का निरीक्षण किया तो वायरल बुखार के दो मरीज मिले। इसके बाद उनकी टीम ने वसैयापुर देखा जहां पर गांव में तीन मरीज मिले। उनकी मलेरिया जांच कराई गई जो नहीं निकला। दवा देकर साफ-सफाई रखने की सलाह दी गई। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव में लोग निरोग रहें। इसी को लेकर यह अभियान चलाए जा रहे हैं। इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी लक्ष्मी कांत पांडेय, नीरज दुबे व जगदीश बाबू मौजूद रहे।

Edited By: Jagran