जागरण संवाददाता, इटावा : शहरी सीमा से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कटेखेड़ा के लोग डेंगू बुखार की मार से परेशान हैं, हर घर में बिछी मरीजों की चारपाई से परिजन हलकान हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी गांव जाकर जांच की लेकिन लोगों को बुखार से राहत नहीं मिल सकी है। इस दौरान तेज बुखार आने से एक 55 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई है। ग्राम निवासी प्रधान हीरा लाल का कहना है कि गांव के लोग लंबे समय से मच्छरों से परेशान थे। धीरे-घीरे बुखार का प्रकोप बढ़ा जो तेजी से गांव के हर घर में फैल गया। इस समय कई घर तो ऐसे हैं जिनमें एक घर के तीन से चार लोग बुखार की चपेट में तप रहे हैं।

बताया गया है कि बिदू प्रजापति के घर में कई लोग बीमार हैं जबकि विनीता पत्नी नितिन, प्रेमलता 40 पत्नी संतोष व उनका पुत्र 16 वर्षीय प्रशांत व पुत्री 18 वर्षीय प्रिया के साथ ही सरोज देवी पत्नी रामवीर सिंह व उनका पुत्र मिलाप तथा सौरभ, दिनेश, रेखा, व गौरव के नाम भी मरीजों में शामिल हैं। वहीं गांव की गलियां गंदगी से परिपूर्ण हैं। तंग गलियों के दोनों ओर भरा गंदा पानी बीमारी का जनक माना जा रहा है। गांव निवासी मोरश्री 55 वर्ष पत्नी दिनेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है। गांव के दर्जन भर से अधिक लोग तो ऐसे हैं जो बुखार से जंग जीत चुके हैं लेकिन वह भी अन्य लोगों को देखकर भयभीत हो रहे हैं। जबकि आशा बहू व एएनएम द्वारा गांव के लोगों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है।

कटेखेड़ा में एक बार जांच टीम भेजी जा चुकी है। स्लाइड बनवाई गई, मलेरिया व डेंगू के केस नहीं मिले हैं। टीम को दोबारा जांच के लिए भेजा जाएगा।

डॉ. एनएस तोमर, मुख्य चिकित्साधिकारी

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