जागरण संवाददाता, इटावा : जनपद के ऐतिहासिक कालीबाड़ी मंदिर पर देवी जागरण की धूम रही। दिल्ली और मथुरा के कलाकारों द्वारा विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां निकाली गईं। जिन्होंने भक्तों का मन मोह लिया। पूरी रात देवी के गीतों से मंत्रमुग्ध होकर भक्त नाचते रहे। शहर के प्राचीनतम ऐतिहासिक कालीबाड़ी मंदिर पर आयोजित 85वां गणेश महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन कालीबाड़ी मंदिर के पीठाधीश्वर महंत स्वामी शिवानंद जी महाराज द्वारा किया गया। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने मां दुर्गा के स्वरूप की आरती उतार कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। देवी जागरण में गायक कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि पूरी रात पंडाल में बैठे लोग देवी भजनों का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम में कलाकारों ने एक बाद एक माता रानी की कई भेंटें प्रस्तुत की। पंडाल में बैठे भक्त भी मातारानी की भक्ति में लीन दिखाई दिए। देवी जागरण, रासलीला कार्यक्रम में दिल्ली और मथुरा के कलाकारों ने माता की भेंटे गाकर पूरी रात भक्तों को झूमने को विवश कर दिया। वहीं मां काली द्वारा राक्षसों का संहार, श्री कृष्ण सुदामा मिलन, शंकर बारात, फूलों की होली आदि कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सदर विधायिका सरिता भदौरिया को स्वामी शिवानंद महाराज ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।

कथा श्रवण से प्रभु में होते लीन

जागरण संवाददाता, इटावा : श्रीमद्भागवत कथा श्रवण मात्र से भक्त के हृदय में ऐसी भावना समाहित हो जाती है कि भक्त मन, वाणी तथा कर्म से प्रभु में लीन हो जाते हैं।

यह उद्गार आचार्य विकास कृष्ण शास्त्री ने शहर में पचराहा में मिश्री टोला में जारी श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन करने के दौरान प्रकट किए पंडाल में विवाह उत्सव मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी की झांकी भी निकाली गई। आयोजक डा. अभिषेक स्वर्णकार एवं डा. शैफाली वर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण करने का अनुरोध किया।

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