इटावा : झाड़ियों से मौत बनकर झपटा तेंदुआ! किसान ने कुल्हाड़ी से वार कर बचाई जान
जसवंतनगर में खेत से लौट रहे एक 60 वर्षीय किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिस पर किसान ने ...और पढ़ें

HighLights
जसवंतनगर में 60 वर्षीय किसान पर तेंदुए का हमला।
किसान ने कुल्हाड़ी से वार कर अपनी जान बचाई।
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने फिशिंग कैट की आशंका जताई।
संवाद सहयोगी, जसवंतनगर। खेत से घर लौट रहे 60 वर्षीय किसान पर गुरुवार शाम झाड़ियों से निकले तेंदुए ने हमला कर दिया। किसान ने हिम्मत दिखाते हुए हाथ में मौजूद कुल्हाड़ी से अपना बचाव किया, जिसके बाद वह मौके से भाग गया। हमले में किसान की पीठ, गर्दन, छाती और पैरों पर खरोंच के निशान आए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
नगला तौर के मजरा घुरहा निवासी किसान साहूकार ने बताया कि गुरुवार शाम करीब पांच बजे वह खेत से घर लौट रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों के पास से अचानक निकले तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि काफी देर तक वह उससे बचने का प्रयास करते रहे। हाथ में मौजूद कुल्हाड़ी से बचाव करने पर वह वहां से भाग गया। जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं। करीब दो सप्ताह पहले जाखन गांव में भी बकरियों पर हमला हुआ था। इसमें चार बकरियों की मौत और दो के घायल होने की बात सामने आई थी।
वन विभाग ने फिशिंग कैट होने की जताई आशंका
क्षेत्रीय वन दरोगा सचिन यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया हमला फिशिंग कैट नामक जंगली जानवर द्वारा किए जाने की संभावना है। यह देखने में तेंदुए जैसा प्रतीत होता है, लेकिन आकार में लगभग कुत्ते के बराबर होता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वनकर्मियों की टीम क्षेत्र में जाकर रेस्क्यू अभियान चलाएगी और जंगली जानवर को पकड़ने का प्रयास करेगी।
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वहीं, ग्रामीण वन विभाग की इस आशंका से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि विभाग तेंदुए की आशंका को गंभीरता से नहीं ले रहा है। ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई कर जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की है। चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शिकायत की जाएगी।
यमुना नदी के बीहड़ में रहता है तेंदुआ
तेंदुआ यमुना नदी के बीहड़ में रहता है, लेकिन एक स्थान पर स्थिर नहीं रहता। हाल ही में घुरहा गांव में देखा गया, जबकि दो दिन पहले कचौरा घाट के समीप कीरतपुर के खेतों में भी इसकी उपस्थिति दर्ज की गई। कीरतपुर निवासी राजेश अंकित ने बताया कि वन विभाग ने केवल खानापूर्ति की है।
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उन्होंने कुछ गांवों में बैनर-पोस्टर लगाए और जाखन वन ब्लाक में रेस्क्यू के फोटो खींचे, लेकिन ग्रामीणों को बीहड़ में न जाने की सलाह दी। जाखन गांव के खेम सिंह, प्रताप सिंह, धर्मवीर, हरदयाल और भूपाल सिंह, साहूकार ने बताया कि उन्होंने तेंदुए को आंखों से देखा है।
किसानों की खेती बीहड़ में है, जिससे उनकी रोजाना आवाजाही होती है। ऐसे में तेंदुए की उपस्थिति से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
