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स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को लेकर आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अलर्ट, आइसोलेशन वार्ड तैयार

Published: Wed, 26 Aug 2026 03:40 PM (IST)

उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, इटावा ने स्वाइन फ्लू की आशंका को देखते हुए जांच और उपचार के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया है।

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HighLights

  1. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, इटावा में स्वाइन फ्लू हेतु आइसोलेशन वार्ड तैयार।

  2. विश्वविद्यालय में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और जांच किट उपलब्ध।

  3. बकेवर अस्पताल ने स्वाइन फ्लू से बचाव हेतु स्टाफ को वैक्सीन लगाई।

जागरण संवाददाता, इटावा। स्वाइन फ्लू की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के अस्पताल में जांच और उपचार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रैन बसेरा के पास स्थित एमडीआर वार्ड भवन में अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।

माइक्रोबायोलाजी विभाग की टीम, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को संभावित मरीज के उपचार के लिए तैयार रखा गया है। हालांकि अभी तक विश्वविद्यालय में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध मरीज को अन्य मरीजों से अलग रखकर चिकित्सकीय निगरानी की व्यवस्था की गई है। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए आवश्यक किट उपलब्ध हैं। संदिग्ध मरीज आने पर नमूना लेने, जांच कराने और रिपोर्ट के आधार पर उपचार शुरू करने की व्यवस्था रखी गई है।

उन्होंने बताया कि माइक्रोबायोलाजी विभाग की टीम जांच, चिकित्सकों की टीम उपचार और नर्सिंग स्टाफ मरीज की निरंतर निगरानी के लिए तैयार है।

आवश्यकता के अनुसार संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी उपचार में शामिल किया जाएगा। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए मरीज को अलग रखने और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवश्यक संक्रमण से बचाव की सावधानियां अपनाने की व्यवस्था भी की गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। सांस लेने में परेशानी या लगातार बिगड़ती स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सलाह जरूरी है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

स्टाफ को स्वाइन फ्लू की वैक्सीन लगवाई

बकेवर : देश में स्वाइन फ्लू को लेकर पं रामाधीन शर्मा 50 शैया अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अस्पताल के स्टाफ को स्वाइन फ्लू की वैक्सीन लगवानी शुरू कर दी है। वैक्सीन को अस्पताल प्रशासन ने पहले ही मंगवा लिया था।

अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, लेकिन अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए इन्फ्लूवैक टेट्रा वैक्सीन स्टाफ को लगवाना शुरू किया है, ताकि किसी संक्रमित मरीज के आने पर स्टाफ में संक्रमण न फैले। अस्पताल में चिकित्सक नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बाय, वार्ड आया, इलेक्ट्रिशियन, सफाई कर्मी और बाबू मिलाकर कुल 33 स्टाफ है।

अधीक्षक डा. संदीप गुलाटी ने बताया कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम वाली इस वैक्सीन को अब तक अस्पताल के 20 स्टाफ को लगाया जा चुका है। अन्य स्टाफ को भी जल्द लगवाने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि वैक्सीन को सीमित संख्या में पहले ही मंगवा लिया गया था। यदि किसी मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षणों को लेकर संदेह होता है, तो उसका सैंपल लेकर जांच के लिए उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई भेजा जाएगा।

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