विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मसूर-चना समेत इन बीजों के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू, किसानों को पोर्टल पर करना होगा आवेदन, ऐसे होगा चयन

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:09 PM (IST)

इटावा में रबी फसलों की बुवाई के लिए गेहूं, सरसों, चना सहित अन्य बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. इटावा में रबी फसलों के बीजों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू।

  2. किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

  3. बीजों का चयन ई-लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, इटावा। रबी सीजन में फसलों की बोआई के लिए कृषि विभाग ने किसानों को बीज उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में मुख्य रूप से गेहूं, सरसों, चना, मटर और मसूर की खेती होती है। बुकिंग कराने वाले किसानों का विकास खंडवार निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष विभागीय पोर्टल के माध्यम से ई-लाटरी द्वारा चयन किया जाएगा।

चयन होने पर किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाएगा। किसान आधार कार्ड और फार्मर रजिस्ट्री के साथ संबंधित विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार पहुंचकर पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाकर बीज प्राप्त कर सकेंगे।

दलहनी फसलों चना, मटर, मसूर तथा तिलहनी फसलों राई-सरसों और अलसी के लिए बुकिंग 10 सितंबर तक लक्ष्य निर्धारित है। गेहूं और जौ के लिए आनलाइन बुकिंग 30 सितंबर तक की जा सकेगी। तोरिया, सरसों, चना, मटर और मसूर के निश्शुल्क मिनीकिट तथा गेहूं, जौ, सरसों, चना, मटर और मसूर के सामान्य वितरण के लिए भी बुकिंग की जा रही है।

www.agriculture.up.gov.in⁠ पर करनी होगी बुकिंग

उप कृषि निदेशक सतीश कुमार ने बताया कि अनुदान पर बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को विभागीय पोर्टल www.agriculture.up.gov.in⁠ पर अनुदान बीज लेने के लिए सामान्य बीज, मिनीकीट, संकर बीज बुकिंग प्रारंभ विकल्प पर क्लिक कर आनलाइन बुकिंग करनी होगी।

यह भी पढ़ें- वीर अब्दुल हमीद के गांव को सरकार ने दिया तोहफा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने किया बड़ा एलान

इसके लिए किसान पंजीकरण संख्या और मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। जनपद में फिलहाल गेहूं के 7,510 क्विंटल, जौ के 116 क्विंटल, चना के 55 क्विंटल, मटर के 25 क्विंटल, सरसों के 35 क्विंटल, तोरिया के पांच क्विंटल और मसूर के 150 क्विंटल बीज उपलब्ध हैं।

यह भी पढ़ें- 100-200 नहीं; 4500 साल पुरानी हैं मांडी में मिलीं 3000 स्वर्ण मुद्राएं, गंगा घाटी सभ्यता के मिले ऐतिहासिक प्रमाण

किसानों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति और उपस्थित किसानों के समक्ष ई-लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे बुकिंग कराकर योजना का लाभ उठाएं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।