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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, इटावा के पांच प्रतिभागी दिखाएंगे हुनर

Published: Thu, 24 Sep 2026 06:26 PM (IST)

इटावा के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वैश्विक मंच मिलेगा।

इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रोडक्ट को मिलेगा वैश्विक बाजार।

इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रोडक्ट को मिलेगा वैश्विक बाजार।

HighLights

  1. इटावा के स्थानीय उत्पाद यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में होंगे प्रदर्शित।

  2. हस्तशिल्प, कृषि उपज और पारंपरिक खाद्य पदार्थ वैश्विक मंच पर।

  3. खीरमोहन और मठे के आलू को मिलेगी नई पहचान।

जागरण संवाददाता, इटावा। जनपद के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, कृषि उपज और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की तैयारी है। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में पांच प्रतिभागी अलग-अलग श्रेणियों में अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे।

उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा ने बताया कि ओडीओपी श्रेणी में उमेश कुमार जनपद के टेक्सटाइल उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। उनके स्टाल पर बेडशीट, चादर, पिलो कवर समेत अन्य टेक्सटाइल उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार और संभावित खरीदारों तक पहुंचाने का प्रयास होगा। हस्तशिल्प श्रेणी में दीपक स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।

किसानों के उत्पादों से लेकर खीरमोहन-मठे के आलू तक

एमएसएमइ श्रेणी में एफपीओ से जुड़े विनीत किसानों द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों को आकर्षक और व्यवस्थित पैकेजिंग के साथ प्रदर्शित करेंगे। जिसका उद्देश्य स्थानीय किसानों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ना और देश-विदेश के खरीदारों के सामने उनकी संभावनाएं प्रस्तुत करना है। जनपद के लिए इस बार एक और खास उपलब्धि है।

पहली बार वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ओडीओसी) के तहत पुरबिया टोला के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा। अस्मित और शालू वर्मा ओडीओसी श्रेणी में स्टाल लगाकर प्रसिद्ध खीरमोहन और मठे के आलू का प्रदर्शन एवं प्रचार-प्रसार करेंगे। इससे इन पारंपरिक उत्पादों को नए बाजार और व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, एमएसएमई इकाइयों, ओडीओपी उत्पादकों, हस्तशिल्पियों, किसान संगठनों और स्थानीय उत्पाद निर्माताओं को खरीदारों से जोड़ने का मंच है।

इस बार देश के विभिन्न हिस्सों के खरीदारों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के भी पहुंचने की संभावना है। आयोजन में पांच लाख से अधिक खरीदारों और आगंतुकों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

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