इटावा लायन सफारी में खुशी की लहर, शेरनी नीरजा ने दिए चार शावकों को जन्म
इटावा सफारी पार्क में शेरनी नीरजा ने रविवार रात चार स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। यह तीसरी बार है ...और पढ़ें

शेरनी नीरजा ने चार शावकों को जन्म दिया।
HighLights
शेरनी नीरजा ने इटावा सफारी पार्क में चार शावकों को जन्म दिया।
यह नीरजा का तीसरा प्रसव है, पहले पांच शावक दे चुकी है।
सभी शावक स्वस्थ हैं; सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है।
जागरण संवाददाता, इटावा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इटावा सफारी पार्क में शेरनी नीरजा ने रविवार की रात को चार शावकों को जन्म दिया है। नीरजा तीसरी बार मां बनी है। इससे पहले दो बार में पांच शावक को जन्म दे चुकी है। शेरनी ने रात 8:25 मिनट पर पहले शावक, 9:07 पर दूसरे शावक, 9:43 पर तीसरे व 9:59 पर चौथे शावक को जन्म दिया।
निदेशक डा. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि चारों शावक स्वस्थ हैं, शेरनी नीरजा उनका ध्यान रख रही है। सीसीटीवी कैमरे से सभी पर निगरानी की जा रही है। किसी को भी एक सप्ताह तक पास जाने की इजाजत नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि शेरनी नीरजा व बब्बर शेर कान्हा की मेटिंग 18 से 21 नवंबर 2025 के मध्य हुई थी। भारतीय पशु चिकित्सा संस्थान बरेली से शेरनी के गर्भ ठहरने की पुष्टि होने के बाद उसे ब्रीडिंग सेंटर में शिफ्ट किया गया था।
उसकी संभावित प्रसव तिथि 8 मार्च के आसपास थी, जिस कारण सफारी के कर्मचारियों ने यहीं पर होली का त्योहार मनाया था। उसकी विशेष निगरानी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि नीरजा ने 01 जून 2024 को दो शावकों आसी व जया को जन्म दिया था। दूसरी बार 16 मार्च 2025 को तीन शावकों को जन्म दिया था। पांचों शावक अब स्वस्थ हैं।
सफारी पार्क में अब शेरों का कुनबा बढ़कर 23 का हो गया है। जिनमें 7 बब्बर शेर व 12 शेरनी व चार शावक हैं। जिनमें से 18 का जन्म सफारी में हुआ है जबकि पांच गुजरात के गिर वन से लाए गए हैं।
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पहली बार मां बनने पर नहीं पिलाया था दूध
शेरनी नीरजा पहली बार मां बनी थी तो उसने चार शावकों को जन्म दिया था। जिनको अपना दूध नहीं पिलाया था। जिसमें से दो की मौत हो गई थी। दो को सफारी प्रशासन ने उससे अलग कर पाला था। अब वे दोनों स्वस्थ हैं। नीरजा का जन्म 12 दिसंबर 2020 को शेरनी जेसिका से हुआ था। सफारी पार्क की एक महिला के नाम पर उसका नामकरण किया गया था।
वर्ष 2012 में शुरू हुआ था निर्माण
इटावा सफारी पार्क का प्रस्ताव वर्ष 2006 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में आया था। 2012 में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर काम शुरू कराया था। एशियाटिक शेरों के लिए ब्रीडिंग सेंटर का निर्माण किया गया और पहली बार सितंबर 2014 में गुजरात के गिर वन से 11 शेर लाए गए थे। 2015 में हिरण, एंटीलोप, भालू व तेंदुआ सफारी को भी इससे जोड़ा गया था।
इस समय 20 तेंदुए, 160 हिरण व एंटीलोप, 6 भालू भी रह रहे हैं। पर्यटकों के लिए टिकट दर 250 रुपये व बच्चों के लिए 65 रुपये , विदेशी पर्यटकों के लिए 675 रुपये है। इटावा रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी 4 किमी है। सोमवार को सफारी बंद रहती है।
