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इटावा में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ₹66 लाख की ठगी, जालसाजों ने ठगी के पैसों से खरीदी SUV और लग्जरी बाइक

Published: Wed, 18 Mar 2026 09:55 AM (IST)

इटावा में बिग डैडी गेमिंग ऐप के जरिए युवाओं से ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर 66 लाख रुपये की ठगी ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, इटावा। ऑनलाइन बिग डेडी गेमिंग एप के जरिए जनपद समेत आसपास के जिलों से युवाओं को ऑनलाइन कमाई कराने का झांसा देकर करीब 66 लाख रुपये की लोगों से ठगी कर ली। इन रुपयों से ठगों ने एसयूवी कार, बाइक खरीदी व अपने घर का निर्माण करवा लिया।

साइबर क्राइम निरीक्षक ने 10 ठगों पर मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी। इस मामले की अज्ञात व्यक्ति द्वारा पुलिस को ऑनलाइन शिकायत की गई थी जिसमें उसने अपना नाम, पता व मोबाइल नंबर नहीं दिया है। वह व्यक्ति हरियाणा का रहने वाला गायक कलाकार बताया जा रहा है।

साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है। ठगी की रकम ज्यादा भी हो सकती है जो और लोगों के सामने आने के बाद निकलेगी। यह लोग टेलीग्राम चैनल के माध्यम से लोगों को लुभावने आफर व कमाई का झांसा देकर गेम खिलाते थे। इसमें ज्यादातर लोग इनके दोस्त और मिलने वाले ही शामिल हैं।

साइबर क्राइम निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि शिवा कुशवाहा, मयंक कुशवाहा निवासी जालिम अड्डा थाना सिविल लाइंस ने साथी युवराज यादव निवासी आइटीआइ चौराहा, अमन निवासी नगला पीर, रवि बजरंग यादव निवासी सैफई, मीर मोरवानी, प्रिंस, रिषभ निवासी इटावा, लकी निवासी नोएडा, दीपक कुशवाहा निवासी जालिम अड्डा के साथ मिलकर बिग डेडी एप (बीडीसी) चला रहे थे।

इसमें ऑनलाइन खुद खेलकर लोगों को रुपये जीतने का झांसा देते थे। साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी करते थे। साइबर निरीक्षक ने बताया कि शिवा कुशवाहा ने ऑनलाइन टेलीग्राम एप के जरिए लोगों से ठगी कर 21 लाख 86 हजार 892 रुपये बैंक आफ महाराष्ट्र में 19 मई 2025 को ठग लिए। इस रुपये से उसने मकान निर्माण करवाया।

उसके भाई पंकज कुशवाहा ने 22 लाख रुपये की एसयूवी कार व एक बाइक कावासाकी निंजा जिसकी कीमत करीब 22 लाख रुपये खरीदी है। साइबर प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद शिवा कुशवाहा और उसके साथियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 318(4) यानी धाखाधड़ी व 66डी यानी इंटरनेट के जरिए धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इनके बैंक खातों की भी जांच की जाएगी। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता भी पाए जाने पर आगे कार्रवाई होगी।

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