जागरण संवाददाता, इटावा : इटावा के ऐतिहासिक महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन रविवार को महोत्सव समिति की पदेन अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने शांति के प्रतीक कबूतर उड़ा कर किया। शहीद स्तंभ के पास पं. राकेश शास्त्री ने भारतीय संस्कृति से पूजन कराया। शहीद स्तंभ पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें गार्ड आफ आनर भी दिया गया। जिलाधिकारी ने बिजली का बटन दबाया तो समूचा परिसर सतरंगी रोशनी से नहा उठा।

पंडाल में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में कोरोना के चलते महोत्सव का आयोजन विलंब से हुआ था। इस बार भव्य तरीके से महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं। अच्छी सजावट की गई है। कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि इस वर्ष बच्चों के कार्यक्रम व मंच के कार्यक्रम अच्छे स्तर के कराए जाएं।

एएसपी सिटी कपिल देव ने कहा कि जिले का पुलिस प्रशासन इस आयोजन को कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। महोत्सव में आने वाली महिलाओं की सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो इसके लिए पुलिस बल लगातार निगरानी करेगा। आधा दर्जन दारोगा व 50 कांस्टेबल तैनात होंगे। जिलाधिकारी ने विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और सरकारी विभागों के लगाए गए स्टालों को भी देखा। यहां पर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारियां लोगों को मिल सकेंगी। इस अवसर पर महोत्सव जनरल सेक्रेटरी राजेश वर्मा, कार्यकारिणी सदस्य शांति स्वरूप पाठक, विशन चंद्र अग्रवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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बच्चों ने दी रंगारंग प्रस्तुति

लखनऊ के भात खंडे संगीत संस्थान एवं माउंट लिटरा जी स्कूल के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। आराधना व अनामिका तथा दीपक सिंह व अमन सिंह ने स्वागत गान तथा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। संचालन डा. कुश चतुर्वेदी ने किया।

Edited By: Jagran