जागरण संवाददाता, इटावा : बकाया जमा न कराने को लेकर व बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग वैसे ही जूझ रहा है। ऊपर से ई-रिक्शा अब विभाग के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इस समय शहर में छोटे, बड़े मिलाकर करीब 20 से 25 अड्डिया ऐसी हैं जहां ई-रिक्शा चार्ज किए जाते हैं। जिसका संचालक पैसा भी वसूल करते हैं। लेकिन अधिकांश संचालक चोरी की बिजली का उपयोग करते हैं। वहीं कुछ ई-रिक्शा चालक अपने घरों में ही चोरी की बिजली से ई-रिक्शा चार्ज करते हैं। शहर में परिवहन विभाग के रिकार्ड के अनुसार 523 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जबकि शहर में तीन से चार हजार के बीच रिक्शा संचालित है। जो चोरी की बिजली से रिक्शा चार्ज करते हैं। जिससे बिजली विभाग को लाखों का नुकसान होता है। शहर के अलग-अलग इलाकों में इनकी चार्जिंग की व्यवस्था की गई है। एक साथ चार से छह ई-रिक्शा चार्ज हो जाते हैं। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां मोटी केबल डालकर 15 से 20 ई-रिक्शा चार्ज होते हैं। शहर के पुराने इलाकों में साबितगंज, रामगंज, रामलीला रोड, गाड़ीपुरा, लालपुरा, पक्काबाग, घटिया अजमत अली में इनके लिए बाकायदा चार्जिंग सेंटर बनाए गए हैं। यह चार्जिंग सेंटर कटिया डालकर चलाए जा रहे हैं। यह सारा कार्य रात में होता है। बिजली विभाग के लिए रात में चेकिग करके इन्हें पकड़ना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। विभाग ने इसके लिए बाकायदा शहर में एसडीओ लेवल पर एक टीम का भी गठन कर दिया है। जिसमें चार लोगों को शामिल किया गया। साथ ही विद्युत विभाग के कर्मचारियों से भी ऐसे चार्जिंग प्वाइंट को बताने के लिए कहा गया है। विभाग ने एक सप्ताह पूर्व रामलीला रोड पर रात में छापा मारकर एक चार्जिंग प्वाइंट को पकड़ा था जहां पर चार ई-रिक्शा कटिया डालकर चार्ज किए जा रहे थे। तीन चोर चार किलो वाट लोड पर होती है चार्जिंग अधीक्षण अभियंता संदीप अग्रवाल ने बताया कि ई-रिक्शा की चार्जिंग में तीन से चार किलोवाट का लोड उठता है। जिससे बिजली का काफी अपव्यय होता है। शहर में ऐसे कई चार्जिंग प्वाइंट संचालित होने की शिकायत मिली है। इनकी जानकारी कराई जा रही है। रात में ऐसे स्थानों को चेक करके कार्रवाई की जाएगी।

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