इटावा में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के भाई को HC से राहत, गैंग्स्टर एक्ट में कुर्क 2.55 करोड़ की संपत्ति होगी रिलीज
बृजकिशोर यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है, जहां उनकी 2.55 करोड़ रुपये से अधिक की कुर्क संपत्ति ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।
HighLights
बृजकिशोर यादव को 2.55 करोड़ की संपत्ति कुर्की से राहत।
हाईकोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट के कुर्की आदेशों को रद्द किया।
अभियोजन संपत्ति-अपराध संबंध स्थापित करने में विफल रहा।
जागरण संवाददाता, इटावा। चकरनगर के समाजवादी पार्टी के पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवकिशोर यादव के भाई बृजकिशोर यादव को गैंग्सटर एक्ट के तहत कुर्क की गई 2.55 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है।
न्यायालय ने कुर्की से जुड़े जिला मजिस्ट्रेट और विशेष न्यायालय के आदेशों को निरस्त करते हुए सभी संपत्तियों को नियमानुसार रिलीज करने के निर्देश दिए हैं।
बृजकिशोर यादव ने जिला मजिस्ट्रेट इटावा के 6 फरवरी 2023 के कुर्की आदेश और विशेष न्यायालय के 22 अक्टूबर 2024 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज कुमार मिश्रा और अधिवक्ता सत्येंद्र नारायण सिंह ने पैरवी की।
गैंग्सटर एक्ट के तहत कुर्क संपत्तियों में सात ट्रक, तीन चार पहिया वाहन, एसबीआइ हैवरा-सैफई शाखा के खाते में जमा 17.31 लाख रुपये और कृषि भूमि शामिल थी। इनकी कुल आंकलित कीमत 2,55,84,515 रुपये बताई गई थी।
याचिकाकर्ता ने न्यायालय में बताया कि उनकी आय के स्रोत सरकारी ठेके, कृषि और परिवहन व्यवसाय हैं। वाहनों की खरीद और वित्तपोषण से संबंधित बैंक विवरण, वित्तीय दस्तावेज, पंजीकरण प्रमाणपत्र, सावधि जमा, बैनामा, जीएसटी दस्तावेज और आयकर रिटर्न भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष कुर्क संपत्तियों का गैंग्सटर एक्ट के अपराध से सीधा संबंध स्थापित नहीं कर सका। विवेचक ने वाहनों की खरीद, उनके वित्तपोषण, ऋण देने वाली बैंक या वित्तीय संस्था तथा किस्तों के भुगतान के स्रोत की पर्याप्त जांच नहीं की थी। एक गवाह ने भी स्वीकार किया कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि जांच में मिले ट्रक बृजकिशोर यादव के थे या नहीं।
हाईकोर्ट ने कहा कि केवल आयकर रिटर्न में दर्शाई गई आय की तुलना में संपत्ति का मूल्य अधिक होना अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि अंतर की रकम गैंगस्टर गतिविधियों से अर्जित की गई। वास्तविक वित्तीय लेनदेन, बैंक विवरण, वित्तपोषण, माल ढुलाई, कृषि और ठेके से हुई आय से जुड़े दस्तावेजों की जांच जरूरी थी।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि गैंग्सटर एक्ट की धारा 3(1) के तहत बृजकिशोर यादव के खिलाफ चल रही कार्यवाही हाईकोर्ट पहले ही निरस्त कर चुका था। इसके बाद विशेष न्यायालय ने भी कार्यवाही बंद कर दी थी। न्यायालय ने इसे अभियोजन साक्ष्य की कमियों और उपलब्ध दस्तावेजों के साथ महत्वपूर्ण परिस्थिति माना।
न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने आदेश जारी करते हुए अपील स्वीकार कर ली। जिला मजिस्ट्रेट के 6 फरवरी 2023 और विशेष न्यायालय के 22 अक्टूबर 2024 के आदेश निरस्त कर दिए गए। साथ ही जिला मजिस्ट्रेट इटावा को सभी कुर्क संपत्तियां नियमानुसार तत्काल अपीलकर्ता के पक्ष में रिलीज करने के निर्देश दिए।
