'पति को सांवला-मोटा कहना मानसिक क्रूरता नहीं', वैवाहिक विवाद पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट खारिज ने की याचिका
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के चांपा निवासी 28 वर्षीय आकाश घोष की पत्नी से विवाह विच्छेद की मांग हाई कोर्ट ...और पढ़ें

पति को सांवला-मोटा कहना मानसिक क्रूरता नहीं- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
HighLights
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जांजगीर परिवार न्यायालय के निर्णय को रखा यथावत
कहा- आरोपों को सिद्ध करने के लिए विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं कर सका पति
जेएनएन, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के चांपा निवासी 28 वर्षीय आकाश घोष की पत्नी से विवाह विच्छेद की मांग हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
याचिकाकर्ता ने पत्नी पर उसे सांवला और मोटा कहकर अपमानित करने, क्रूरता और बिना उचित कारण अलग रहने का आरोप लगाते हुए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत विवाह विच्छेद की मांग की थी।
कोर्ट ने कहा कि पति आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं कर सका। कोर्ट ने कहा कि उक्त कथित व्यवहार भी मामले की परिस्थितियों में विवाह विच्छेद के लिए आवश्यक मानसिक क्रूरता नहीं माना जा सकता।
जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता की अर्जी खारिज करते हुए परिवार न्यायालय के निर्णय को यथावत रखा। आकाश और पूजा सीत का विवाह सात मार्च 2019 को हुआ था।
पति का आरोप था कि पत्नी दो-तीन महीने बाद अलग रहने लगी और उसे सांवला व मोटा कहकर अपमानित करती थी। वह झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देती और बार-बार मायके चली जाती थी।
राजस्थान से लौटने के बाद जुड़वां बच्चों का गर्भपात हुआ। उपचार के लिए रायगढ़ गई पत्नी इसके बाद चांपा वापस नहीं लौटी। हाई कोर्ट ने 18 सितंबर को परिवार न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
