हेम कुमार शर्मा, इटावा: इटावा- मैनपुरी रेलवे ट्रैक सभी बाधाओं को पार करके पूरा हो गया है। दो-चार दिन में रेलवे इंजीनियर इंजन दौड़ाकर इसे एनओसी दे देंगे। आगामी तीन-चार माह में इस ट्रैक पर यात्री ट्रेनें दौड़ने की संभावना है। ट्रेनों का आवागमन होने पर क्षेत्रीय जनता को खासा लाभ होगा।12 साल पूर्व इस परियोजना की आधारशिला तत्कालीन राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार के समक्ष सैफई में आयोजित भव्य समारोह में रखी थी। उस समय 56 किमी की इस परियोजना को पूर्ण करने के लिए 142 करोड़ रुपये अनुमान लगाया गया था। राजग सरकार अपदस्थ होने पर सोनिया गांधी से सपा प्रमुख मुलायम ¨सह यादव से रिश्ते अच्छे न होने से यह योजना लटक गई थी। यूपीए टू में सपा प्रमुख के रिश्ते सोनिया से सुधरे तो इसका निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया। कार्य पूर्ण होने में कानपुर-आगरा फोरलेन मार्ग बाधक बन गया तथा केंद्र में मोदी सरकार गठित होने पर निर्माण कार्य फिर से प्रभावित हो गया। सपा प्रमुख के पौत्र मैनपुरी सांसद तेजप्रताप यादव के शादी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से मोदी-मुलायम के रिश्ते मधुर हो गए। इससे एक माह बाद ही 45 करोड़ रुपये मिले तथा हाइवे अथॉरिटी से रेलवे को ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृत मिली तो निर्माण कार्य तेजी से किया गया। इससे चार दिन पूर्व इटावा-मैनपुरी रेलवे ट्रैक का काम पूरा हो गया।

निर्माण कार्य करा रहे वरिष्ठ खंड अभियंता उमापति पाठक ने बताया कि मैनपुरी से करहल के मध्य करीब एक माह पूर्व इंजन दौड़ाकर ट्रैक ओके कर दिया गया। ओवरब्रिज निर्माण के चलते करीब पांच सौ मीटर ट्रैक अधूरा था जो कंपलीट कर दिया गया है, आगामी तीन-चार दिन में मुख्य अभियंता निर्माण के समक्ष इटावा-मैनपुरी मार्ग पर इंजन दौड़ाकर इस ट्रैक को ओके कर दिया जायेगा।

56 किमी में तीन सौ करोड़ खर्च

इटावा-मैनपुरी रेलवे ट्रैक तथा पांच स्टेशन का निर्माण कराने में 2004 में 142 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक निर्माण कार्य पूर्ण होने में करीब तीन सौ करोड़ रुपये खर्च हो गए है। इस ट्रैक पर इटावा के बाद बैदपुरा, सैफई, करहल, बुझिया पुल, कीरतपुर तथा मैनपुरी रेलवे स्टेशन होंगे। करहल स्टेशन पर लूप लाइन का निर्माण किया गया है।

ट्रैक निर्माण कार्य पूर्ण

इटावा-मैनपुरी रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। कुछ दिनों तक ट्रैक की टे¨स्टग होगी। इसके पश्चात मुख्य अभियंता की ओके रिपोर्ट मिलने पर मुख्य संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होगा। उनकी अनुमति मिलने पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू कराया जायेगा।

-विजय कुमार मुख्य जनसंपर्क अधिकारी