जासं, एटा: इस बार जनपद में 88 सौ मीट्रिक टन धान की खरीद की जाएगी। जो पिछले साल की अपेक्षा इस बार दो सौ मीट्रिक टन कम है। पिछले साल शासन ने 9 हजार एमटी धान खरीद का जिला प्रशासन को लक्ष्य दिया था। जनपद भर में 14 क्रय केन्द्र बनाए गए हैं। जिन पर पहली अक्टूबर से 31 जनवरी तक धान की खरीद होगी। शुरूआत के 14 दिनों में खरीद की मात्रा शून्य रही है।

बारिश ठीक होने के कारण इस बार किसानों में 20 हजार 334 हेक्टेयर भूमि में धान की फसल तैयार की है। जिससे इस बार उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। उसी को देखते हुए शासन ने जिले को 88 सौ मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया है। उसी को देखते हुए शासन ने इस पर जिले के लक्ष्य में दो सौ एमटी की कटौती करते हुए 8 हजार 8 सौ एमटी खरीद का लक्ष्य दिया है। इसके लिए अलग-अलग खरीद केंद्रों का निर्धारित किया गया है। जिसमें खाद्य विभाग को 35 सौ, पीसीएफ को 33 सौ, भातीय खाद निगम को 2 सौ मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया है। वहीं जिला विपणन अधिकारी नंदकिशोर ने बताया कि धान की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। मगर चौदह दिनों में क्रय केन्द्रों पर खरीद शून्य रही है। दूसरी तरफ स्थिति यह है कि किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर न जाकर मंडी की आढ़तों पर धान बेच रहे हैं। वहां धान के ऊंचे ढेर तक लगे हैं। आंकड़े

--------

- 58973.90 एमटी उत्पादन की उम्मीद

- 8300 एमटी धान की पिछली बार हुई खरीद

- 6 पीसीएफ के धान खरीद केंद्र

- 6 खाद्य एवं विपणन विभाग के खरीद केंद्र

- 2 भारतीय खाद्य निगम के खरीद केंद्र

Edited By: Jagran